Thursday , August 6 2026
Breaking News

हैकर ने 2014 के चुनाव में ईवीएम हैक किये जाने का किया दावा और कही मुंडे की मौत पर अहम बात

Share this

नई दिल्ली। साल 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद देश में हुए हर एक चुनावों के दौरान और चुनावों के बाद इवीएम को लेकर सवाल और बवाल जारी रहे हैं। वहीं अब ऐन 2019 के लोकसभा चुनावों के पहले इस मामले ने एक बार फिर बड़ा तूल तब पकड़ लिया है जब भारतीय मूल के अमेरिकी टेक एक्सपर्ट सैय्यद सहूजा ने ईवीएम हैक करने का दावा किया है। हैकर ने दावा किया है कि 2014 के चुनावों में हैकिंग के लिए भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने संपर्क किया था। इतना ही नही बल्कि हैकर ने ये भी कहा कि बाद में यही वजह मुंडे की मौत का करण भी बनी। शायद वैसे तो हैकर की बात काफी दमदार मानी जाती अगर उस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की मौजूदगी सामने न आती।

गौरतलब है कि हैकर सैय्यज सहूजा ने लंदन में प्रेस कांफ्रेंस करके इस बाबत जानाकरी सभी जानकारी दी। लेकिन सारे मामले पर पानी तब फिर गया क्योंकि इस दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी लंदन में ही मौजूद थे। इसके चलते अब लोग सवाल कर रहे हैं कि इस प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल क्यों थे? जबकि वहीं हैकर ने यह भी दावा किया है कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी उसने आम आदमी पार्टी के पक्ष में ईवीएम को हैक कर विजय दलाई थी। हैकर ने कहा कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। हैक कैसी होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रांसमीटर के जरिए हैक किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (यूरोप) ने किया था। इस दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे।

इसके साथ ही हैकर ने कहा उसकी 14 लोगों की टीम है। इस टीम के द्वारा ही ईवीएम को हैक किया गया है। हैकर ने कहा कि हैकिंग को लेकर हमला भी हो चुका है। इसीलिए उसने अमेरिका में शरण ले रखी है। हैकर ने दावा किया है कि वह ईवीएम बनाने वाली टीम का हिस्सा रह चुका है। इसलिए वह हैकर करने का तरीका जानता है। ज्ञात हो कि विपक्ष की एकता दिखाने के लिए यहां एकत्रित हुए विपक्षी दलों ने चुनाव सुधारों पर चार सदस्यीय समिति का शनिवार को गठन किया। इन दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं।

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि ईवीएम की कार्यप्रणाली के मूल्यांकन और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के उपाय ढूंढने के अलावा यह समिति लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग को चुनाव सुधारों के बारे में भी सुझाव देगी। तृणमूल कांग्रेस द्वारा यहां आयोजित संयुक्त विपक्ष की रैली में शामिल 14 राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के लिये चाय पार्टी की मेजबानी करने के बाद उन्होंने यह घोषणा की।  उन्होंने कहा कि समिति में अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी), सतीश चंद्र मिश्रा (बहुजन समाज पार्टी) और अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी) क्रियान्वयन के लिये अपनी अनुशंसा चुनाव आयोग को देंगे और वीवीपीएटी के व्यापक इस्तेमाल के लिये दबाव बनाएंगे।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »