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ट्रंप प्रशासन ने चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी हुवावेई पर लगाई नई पाबंदी

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वाशिंगटन. चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी हुवावेई पर ट्रंप प्रशासन ने सख्ती और बढ़ा दी है. प्रशासन ऐसे कदम उठा रहा है जिससे हुवावेई तक अमेरिकी प्रौद्योगिकी की पहुंच किसी भी तरीके से नहीं हो. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फॉक्स न्यूज से कहा, हम अमेरिका में उनके उपकरण नहीं चाहते, क्योंकि वे हमारी जासूसी करते हैं. कोई भी देश जो इसका उपयोग करता है, हम खुफिया जानकारी साझा करने के संदर्भ में कुछ भी नहीं करेंगे.

वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को नया नियम जारी किया, जिसके जरिये यह सुनिश्चित किया गया है कि हुवावेई अमेरिकी चिप प्रौद्योगिकी हासिल नहीं कर पाये. अमेरिका ने पिछले साल गूगल म्यूजिक और अन्य स्मार्टफोन सर्विस समेत अमेरिकी उपकरणों और प्रौद्योगिकी की पहुंच को लेकर हुवावेई पर पाबंदी लगा दी थी. पुन: मई में व्हाइट हाउस ने दुनिया भर में काम कर रही उन इकाइयों पर भी जुर्माना कड़ा कर दिया, जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर हुवावेई के लिये उपकरण बना रहे थे.

वाणिज्य विभाग ने सोमवार को कहा कि हुवावेई पर और पाबंदियां लगाने की जरूरत है, क्योंकि चीनी कंपनी लगातार तीसरे पक्षों को आपूर्ति की जा रही प्रौद्योगिकी का उपयोग कर प्रतिबंध से बचने का प्रयास कर रही हैं. नये नियम के तहत हुवावेई पर अमेरिकी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर बनाये गये और वाणिज्यिक रूप से उपलब्ध चिप तक पहुंच को रोकने की कोशिश की गई है.

वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस ने सोमवार को फॉक्स बिजनेस से कहा, नये नियम में यह साफ किया गया है कि अमेरिकी साफ्टवेयर या उपकरणों के जरिये हुवावेई के माध्यम से उपकरणों के विनिर्माण पर पाबंदी है और उसके लिये लाइसेंस की जरूरत है. अमेरिका ने सोमवार को हुवावेई की 21 देशों में 38 संबद्ध इकाइयों को अपनी निगरानी सूची में शामिल किया है.

अमेरिका इन कदमों के जरिये यह सुनिश्चित कर रहा है कि कंपनी किसी तरीके से उसके कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करें. इन इकइयों पर संवेदनशील प्रौद्योगिकी प्राप्त करने को लेकर पाबंदी लगायी गई है. साथ ही अमेरिका ने अपने देश में हुवावेई के कुछ ग्राहकों को उसके उपकरण और साफ्टवेयर के उपयोग को लेकर दी गई छूट भी समाप्त कर दी है.

इस बीच, हुवावेई ने सोमवार को कुछ भी कहने से मना किया लेकिन उसने चीन सरकार की तरफ से जासूसी करने की बात फिर से खारिज की. वहीं चीनी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका, राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में अमेरिकी प्रौद्योगिकी उद्योग के प्रतिस्पर्धी कंपनी को रोकने का प्रयास कर रहा है.

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