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ज्वालामुखी में 116 साल बाद हुआ इतना भयानक विस्फोट, लावा के ऊपर तैरती दिखीं लाशें

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ग्वाटेमाला सिटी। तकरीबन 116 साल बाद  ग्वाटेमाला के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी वोल्कन डे फुगो में हुए विस्फोट से 25 लोग जिंदा जल गए। 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। जबकि कई लोग लापता हैं। मृतकों में कई बच्चे भी हैं। 3200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। ज्वालामुखी से 17 लाख लोग प्रभावित हैं।

बताया जाता है कि विस्फोट से निकली राख के कारण ग्वाटेमाला सिटी हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि ज्वालामुखी में रविवार को विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि यह लावा एक नदी की तरह है। इसने एल रोडियो गांव को जला दिया। जिससे 25 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि हम अभी तक कई गांवों तक नहीं पहुंच पाए हैं। विस्फोट से 32 हजार फीट की ऊंचाई तक धुएं के काले मोटे बादल 10 किलोमीटर के क्षेत्र में छा गए। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फुगो ज्वालामुखी में और विस्फोट हो सकता है।

सैकड़ों राहत कर्मी बचाव के लिए लोगों की मदद को तैयार हैं लेकिन लावे के चलते वह प्रभावित इलाकों में नहीं जा पा रहे हैं। एक दमकलकर्मी ने बताया कि लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे हैं लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पा रहे हैं। क्योंकि सड़कों पर लावा बह रहा है।

ज्वालामुखी के विस्फोट से बचने में सफल रही कॉन्सुएलो हर्नांडेज ने बताया कि ज्वालामुखी के नजदीक के स्थित गांवों से कोई भाग नहीं सका। मुझे लगता है कि सभी लोग मारे गए। हर्नांडेज ने बताया कि मक्के के खेतों से लावा तेजी से फैल रहा है। वह अपने परिवार में इकलौती जीवित बची हैं।

सरकारी अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में कुछ बच्चे भी हैं। ग्वाटेमाला में कुछ ऐसे वीडियो भी जारी हुए हैं जिनमें लावा के ऊपर तैरती लाशें दिख रही हैं। इसके साथ ही सेना को आपदा राहत कार्य में लगाया गया है। सेना लोगों के लिए अस्थायी कैंपों का निर्माण कर रही है।

ग्वाटेमाला क्षेत्र में राखों से बचने के लिए अधिकारियों ने लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है। साथ ही सभी जरूरी सुरक्षा अपनाने को कहा है। ज्वालामुखी से सबसे अधिक प्रभावित एस्क्युन्टिला, चिमाल्टेनांगो और सैकेटेपेक्वेज के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि पूरे देश में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

राष्ट्रपति जिम्मी मोरेल्स राष्ट्रीय आपातकालीन सेवाओं को राहत कार्य के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मोरालेस ने देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।  इस साल दूसरी बार इस ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है। फुगो मध्य अमेरिका का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है। 1974 में इससे पहले यहां बड़ा विस्फोट हुआ था। लेकिन इस दौरान ज्वालामुखी से यहां कोई मरा नहीं था।

116 साल बाद ग्वाटेमाला के ज्वालामुखी में इतना भयानक विस्फोट हुआ है। इससे पहले 1902 में सांता मारिया ज्वालामुखी में हुए विस्फोट से हजारों लोग मारे गए थे। गौरतलब है कि हर साल दुनियाभर में ज्वालामुखी फटने की ऐसी करीब 60 घटनाएं होती हैं। कई ज्वालामुखी अचानक फट जाते हैं तो कई लंबे समय से सुलग रहे होते हैं।

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