Thursday , August 6 2026
Breaking News

अफगान शरणार्थियों से डरा पाकिस्तान, बॉर्डर सील होने से मची भगदड़ में कई मरे

Share this

इस्लामाबाद. अफगानिस्तान से आ रहे शरणार्थियों की भीड़ को देखते हुए पाकिस्तान ने अपने सभी बॉर्डर पॉइंट्स को बंद कर दिया है. इस कारण बॉर्डर के दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग फंस गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा है. अफगान मीडिया ने दावा किया है कि बॉर्डर पर हुए धक्का-मुक्की के कारण कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है.

ऐसा कहा जा रहा है कि भगदड़ उस समय मची जब पाकिस्तान ने चमन बॉर्डर क्रॉसिंग को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया. ये बॉर्डर क्रॉसिंग अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक को पाकिस्तान के चमन शहर से जोड़ती है. इसका एक वीडियो बी वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों की भीड़ पाकिस्तान में प्रवेश करना चाहती है. वीडियो को पाकिस्तानी पत्रकार मुस्लिम शिरजाद ने शेयर किया है. उन्होंने कहा, ‘ये तस्वीर देश पर आई मुसीबत की है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान का बॉर्डर बंद है. भीड़ के कारण 4 लोगों की मौत हो गई है. इस समय हजारों की संख्या में महिलाएं और बच्चे बॉर्डर लाइन के पास सो रहे हैं

इससे पहले पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शेख रशीद अहमद ने संकेत दिया था कि चमन बॉर्डर क्रॉसिंग को कुछ दिनों के लिए बंद किया जा सकता है. उन्होंने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था. हालांकि मंत्री ने ये नहीं बताया कि सीमा कितने दिन तक बंद रहेगी. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट सीएनएन ने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि बुधवार को पाकिस्तान ने स्पिन बोल्डक क्रॉसिंग पर करीब 5,000 अफगान लोगों को प्रवेश नहीं करने दिया.

साल 1979 में अफगानिस्तान पर तत्कालीन यूएसएसआर के आक्रमण के बाद से लगभग 30 लाख अफगान शरणार्थी पाकिस्तान में रह रहे हैं. पाकिस्तान के अधिकारियों ने आशंका व्यक्त की है कि अगर सीमा नियमों में ढील दी गई, तो लगभग 10 लाख और अफगान देश में घुस जाएंगे. फिलहाल, अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान की 2,500 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर बाड़ लगा दी गई है. केवल एक दर्जन क्रॉसिंग पॉइंट ही वैध यात्रा दस्तावेज रखने वालों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »