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देश की सुरक्षा के प्रति सरकार हुई संवेदनशील, रूस के बाद अब इजरायल से की बेहद अहम डील

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नई दिल्ली। भारत अब अपनी रक्षा के लिए बेहद संवेदनशील हो गया है जिसके चलते मौजूदा सरकार हर वो कदम उठा रहा है जिससे वो मौजूदा परिवेश में अपनी सुरक्षा को बखूबी अपडेट करते हुए हाईटेक बना सके। इसी क्रम में केन्द्र की मोदी सरकार ने हाल ही में रूस से बड़ा रक्षा सौदा करने के बाद अब इजरायल के आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स के लिए एक बड़ा सौदा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए इजरायल की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) को 777 मिलियन डॉलर का अनुबंध मिला है।

गौरतलब है कि इस अनुबंध के तहत इजरायल की कंपनी भारतीय नौसेना के 7 जहाजों को एलआरएसएम एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स की आपूर्ति करेगी। बता दें कि इस सिस्टम का इस्तेमाल इजरायली नौसेना के अलावा भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना करती हैं। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना और भी मजबूत हो जायेगी और चीन अमेरिका जैसे देश भी अब ताकत से डरेंगे।

दरअसल इजरायल ऐरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के साथ भारत सरकार ने 777 मिलियन डॉलर का एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके तहत इजरायली कंपनी भारतीय नौसेना को BARAK 8 सिस्टम देगा जिसमे 7 शिप्स एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स की आपूर्ति करेगी। इस बात की जानकरी कंपनी की ओर से दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली कंपनी ने भारतीय कंपनी BEL के साथ इस कॉन्ट्रेक्ट को साइन किया है। आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि, इजरायल और रूस भारत के साथ हमेशा से एक बड़े सप्लायर्स के रूप में मदद करते आये हैं। ऐसे में अब एक बार फिर भारत ने 777 मिलियन डॉलर की डील करने के साथ ही देश की ताकत को और मजबूत किया है।

ज्ञात हो कि भारत ने साल 2017 में भी इजरायल के साथ 68 करोड़ डॉलर की एक रक्षा सौदा साइन किया था।  इसके तहत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति भी की जाएगी। यह समझौता मेक इन इंडिया अभियान के लिए भी बड़ी कामयाबी माना गया था। इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्री भारत के सार्वजनिक उपक्रम भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड के साथ इन हथियारों का साझा उत्पादन कर रही है।

इस तरह दोनों देशों के मिसाइल डिफेंस सिस्टम का अब तक का सौदा दो अरब डॉलर तक पहुंचने के आसार हैं। मिसाइल डिफेंस सिस्टम के तहत रडार, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, लांचर का साझा उत्पादन भी होगा। यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम हवा, पानी और सतह से आने वाली मिसाइलों से रक्षा करता है। वहीं हाल ही में रूस के साथ भी भारत ने सबसे खतरनाक हथियार एस 400 को भी रूस से खरीदकर भारतीय सेना में शामिल कर लिया है।

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