Saturday , February 16 2019
Breaking News

ट्विटर और संसदीय समिति के बीच बढ़ी रार, ट्विटर के सीईओ का भारत आने से किया इनकार

Share this

नई दिल्ली। ट्विटर के सीईओ और शीर्ष अधिकारियों और सूचना-प्रौद्योगिकी पर गठित संसदीय समिति के बीच अब एक अहम मामले को लेकर ठन गई है। एक तरह से बात दोनों ही के लिए बड़ी बन गई है। दरअसल ट्विटर के सीईओ और शीर्ष अधिकारियों ने सूचना-प्रौद्योगिकी पर गठित संसदीय समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया। समिति से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

गौरतलब है कि संसदीय समिति ने सोशल मीडिया मंचों पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट के अधिकारियों को तलब किया था। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति ने एक फरवरी को एक आधिकारिक पत्र लिखकर ट्विटर को समन किया था।

वहीं इस गंभीर मामले में ट्विटर के सीईओ के संसदीय समिति के समक्ष पेश ना होने पर केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि राज्यसभा के अध्यक्ष और लोकसभा के स्पीकर तय करेंगे कि समित के सामने पेश ना होने पर किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। इसमें सरकार किसी तरह का कोई निर्णय नहीं लेगी।

ज्ञात हो कि संसदीय समिति की बैठक पहले सात फरवरी को होनी थी लेकिन ट्विटर के सीईओ और अन्य अधिकारियों को अधिक समय देने के लिए बैठक को 11 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि यात्रा के लिए दस दिन का समय दिये जाने के बावजूद ट्विटर ने ‘कम समय में सुनवाई नोटिस देने’ को वजह बताते हुए समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया।

हालांकि सूचना-प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति की ओर से ट्विटर को एक फरवरी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट तौर पर कंपनी के प्रमुख को समिति के समक्ष पेश होने को कहा गया है। पत्र में साथ ही कहा गया है, वह अन्य प्रतिनिधियों के साथ आ सकते हैं। इसके बाद संसदीय समिति को सात फरवरी को ट्विटर के कानूनी, नीतिगत, विश्वास और सुरक्षा विभाग की वैश्विक प्रमुख विजया गड्डे की ओर से एक पत्र मिला।

उस पत्र में कहा गया था, ट्विटर इंडिया के लिए काम करने वाला कोई भी व्यक्ति भारत में सामग्री और खाते से जुड़े हमारे नियमों के संबंध में कोई प्रभावी फैसला नहीं करता है। गड्डे के पत्र में कहा गया है कि भारतीय संसदीय समिति के समक्ष ट्विटर के प्रतिनिधित्व के लिए किसी कनिष्ठ कर्मचारी को भेजना भारतीय नीति निर्माताओं को अच्छा नहीं लगा, खासकर ऐसे में जब उनके पास निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है।

Share this

Check Also

UP विधानसभा में भी उठा मुलायम सिंह के बयान का मुद्दा

लखनऊ। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के, नरेन्द्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की कामना ...