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फिरौती की प्लानिंग हुई फेल तो लाश के टुकड़े करके कुकर में पका दिए

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आगरा।  यूपी के आगरा में एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। फिरौती वसूलने की प्लानिंग फेल होने पर दोस्ती की लाश के टुकड़े करके उसे कुकर मे पका दिया। यहां एक शख्स ने पहले अपने दोस्त को किडनैप किया और जब दम घुटने पर उसकी मौत हो गई तो लाश को ठिकाने के लिए उसके शव के कई टुकड़े कर दिए और कुकर में पका दिए। खुलासा होने पर यह बात सामने आई। इस घटना का खुलासा होने पर सबकी रूह कांप गई। पुलिस को कंकाल से भरा बैग बरामद हुआ। इस वीभत्स घटना का खुलासा पुलिस ने गुरुवार को किया। पुलिस ने बताया कि इस पूरे अपराध में आरोपी की मां भी साथ देती रही। पुलिस ने मां और बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आगरा के किरावली का रहने वाला धर्मेंद्र तिवारी पेशे से कम्प्यूटर ऑपरेटर था।   पिछले 18 अक्टूबर को रहस्यमय परिस्थितियों में वह लापता हो गया था, काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता ना चला तो इस मामले में थाना अछनेरा में उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। खोजबीन में पता चला धर्मेंद्र तिवारी को आखिरी बार ललित नाम के युवक के साथ देखा गया था। यह विडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे इसके बाद ललित की पहचान भी हो गई थी। ललित बोदला बिचपुरी मार्ग पर मंगोलिया कॉलोनी में अपनी मां शालिनी के साथ रह रहा था। परिजनों के बताने पर और सुराग मिलने पर पुलिस ने रोहित और उसकी मां को हिरासत में ले लिया। दोनों से जब कड़ाई से पूछताछ हुई तो ऐसा खुलासा हुआ कि सुनने वालों की रूह कांप गई।   पुलिस ने बताया कि ललित ने अपना कर्ज उतारने के लिए 50 लाख की फिरौती वसूलने के इरादे से धर्मेंद को अगवा किया था और बहाने से अपने घर में बुलाया था। इसके बाद कॉफी में कुछ मिला कर पिला दिया था और इंजेक्शन लगाकर बेहोश करने के बाद हाथ पैर बांधकर मुंह पर टेप लगा दिया। ललित ने पुलिस को बताया कि दम घुटने से धर्मेंद्र की मौत हो गई थी। इससे उसकी फिरौती वसूलने की योजना पूरी तरह से फेल हो गई थी। इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसके शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े करके घर में ही रख दिए थे। आरोपी ने उन टुकड़ों को आग में पकाया और शरीर के कई बड़े हिस्से नाली में फेंक दिए। हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मंगोलिया कॉलोनी में ललित के घर की सघन तलाशी ली। यहां पुलिस ने फरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने यहां से कई अहम सुराग जुटाए हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए।   उन्होंने पुलिस को बताया कि घर में उन्होंने मां बेटे को ही देखा है। घर से हर रोज मीट पकाने की महक आती थी लेकिन इसका अंदाजा नहीं था कि किसी की लाश पकाई जा रही है। फिलहाल ललित और उसकी मां के इंसानी गोश्त खाने की बात की पुष्टि नहीं हुई है। 27 वर्षीय धर्मेंद्र तिवारी को बंधक बनाने के बाद आरोपी ने उसकी बाइक को मलपुरा क्षेत्र में लेजाकर लावारिस के रूप में ठिकाने लगा दिया था। अब पता चला है कि 29 अक्टूबर को उसकी बाइक लावारिस स्थिति में पड़ी हुई मिली थी। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि धर्मेंद्र तिवारी और ललित आपस में अच्छे दोस्त थे। दोनों पहले एक साथ किराए का कमरा लेकर रहते थे। इस दौरान ललित को यह मालूम पड़ गया था के धर्मेंद्र संपन्न परिवार से है और उसे अगवा कर अच्छी खासी फिरौती वसूल की जा सकती है। इसी वजह से अपहरण और फिरौती वसूलने की योजना तैयार की।

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