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तंगी की मार से हार कारोबारी ने उठाया ऐसा कदम, जिसे जान दहल उठे लोग और हो गईं आंखे नम

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में आज सुबह एक बेहद ही ह्नदयविदारक घटना सामने आने से न सिर्फ सनसनी मच गई बल्कि जिसने भी सुना वो न सिर्फ दुखी हो उठा बल्कि अचम्भित रह गया कि गर्दिश की मार से भला कोई इस हद तक हो जाता है तैयार। कि अपने ही हाथों बेरहमी से अपने बच्चों और परिवार समेत खुद को इस तरह मौत के घाट देता है उतार।

मिली जानकारी के मुताबिक जनपद गाजियाबाद के इंदिरापुरम के वैभव खंड में मंगलवार सुबह करीब 5:15 बजे कृष्णा अपरा सोसाइटी की आठवीं मंजिल से दो महिला और एक पुरुष नीचे कूद जाने की सूचना पुलिस को किसी के द्वारा दी गई। सूचना मिलने पर जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो पाया कि एक पुरुष और एक महिला की मृत्यु हो गई है जबकि उनमें से एक महिला घायल थी जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घंटों बाद उस महिला की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

लेकिन पुलिस जब आठवीं मंजिल स्थित फ्लैट में पहुंची जिससे उन तीनों द्वारा छलांग लगाई गई थी तो वहां का मंजर देख एक पल को उसके भी होश फाख्ता हो गए। क्योंकि वहां पर दो बच्चे और एक खरगोश मृत पड़े थे। फौरी तौर पर तमाम छानबीन और लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक कारोबारी द्वारा ही काफी दिनों से जारी आर्थिक तंगी के चलते ऐसा ह्नदयविदारक फैसला लिया गया। जिसके तहत जहां उसने पहले घर के पालतू खरगोश और मासूम बच्चों का गला काटा और फिर अपनी पत्नी तथा मैनेजर महिला मित्र के साथ फ्लैट से छलांग लगा दी गई।

मृतकों की पहचान पति गुलशन(45), पत्नी परवीन(43), मैनेजर संजना(38), बेटी कृतिका(18), बेटा रितिक(13) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया है कि गुलशन का गांधीनगर दिल्ली में जीन्स का कारोबार था। संजना उसी फैक्ट्री में मैनेजर थी। गुलशन का परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और इसी के चलते उन्हें शालीमार गार्डन की पॉश सोसायटी छोड़कर अक्तूबर में इंदिरापुरम शिफ्ट होना पड़ा। पुलिस को गुलशन के फ्लैट से दीवार पर लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें राकेश वर्मा को तीनों की मौत का जिम्मेदार बताया गया है जिसकी पहचान गुलशन के सगे साढू के रूप में हुई है।

सुसाइड नोट के साथ ही शवों के क्रिया कर्म के लिए 500-500 के नोट भी दीवार पर चिपकाकर छोड़े गए थे। इतना ही नही बल्कि मृतक कारोबारी ने 500 के नोटों के साथ ही एक बाउंस चेक भी छोड़ा गया था। पुलिस ने बताया कि इसी बाउंस चेक के चलते गुलशन के परिवार की हालत खस्ता हो गई थी और उन्होंने इतना बड़ा फैसला ले लिया। जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी साढू राकेश वर्मा चेक बाउंस के केस में पहले भी जेल जा चुका है।

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया की दिल्ली के झिलमिल में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के दौरान गुलशन के हिस्से में दो करोड़ रुपये आए थे। जो उसने अपने साढ़ू राकेश वर्मा के साथ बिजनेस में लगा दिए थे। एसएसपी के मुताबिक राकेश वर्मा गुलशन के पैसे नहीं लौटा रहा था, जबकि बाजार में उस पर देनदारी का दबाव था। कमरे से जो बाउंस चेक बरामद हुए हैं, वह भी करीब एक करोड़ रुपये के हैं। 

बताया जाता है कि इस घटना को अंजाम देने के दौरान कारोबारी गुलशन ने अपने एक मित्र से वीडियों कॉल कर अपने बेटे और बेटी की लाश दिखाई थी। लेकिन उनकी तमाम मिन्नतों के बावजूद उसने सॉरी बोलकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिस शख्स को गुलशन ने बेटा-बेटी की हत्या के बाद वीडियो कॉल की थी, वह झिलमिल निवासी रमेश अरोड़ा हैं। रमेश अरोड़ा गुलशन के गहरे मित्र और बिजनेस पार्टनर भी बताए जा रहे हैं।

रमेश ने बताया कि दोनों बच्चों की हत्या करने के बाद सुबह 4:30 बजे गुलशन ने उन्हें वीडियो कॉल की थी। वीडियो कॉल में गुलशन ने रमेश को गला कटा बेटा और गला दबाकर मारी गई बेटी के शव भी दिखाए थे। यह देखकर रमेश अरोड़ा हक्के-बक्के रह गए और उन्होंने गुलशन से तमाम मिन्नतें की थीं कि पैसों का उतार-चढ़ाव चलता रहता है। इस तरह की घटना मत कर। हालांकि गुलशन ने उनकी एक न सुनी और सॉरी बोलकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। इसके बाद उसने अपनी पत्नी परवीन और महिला मित्र व मैनेजर संजना के साथ फ्लैट से नीचे छलांग लगा दी।

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