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गर करें हम आस-पास के ऐसे लोगों पर गौर, काफी हद तक रूक सकता है दरिंदगी का दौर

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डेस्क। हाल ही में सामने आया कुछ ही माह की दुधमुंही बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या का एक मामला भले ही इंदौर का है लेकिन यकीन मानिए उसका सच वाकई काबिल-ए-गौर का है। क्योंकि इस मामले में पकड़े गए आरोपी की जो बातें सामने आई हैं उससे यह तय होता है कि हम सभी अगर अपने आसपास के नशेड़ी और खखेड़ी प्रवृत्ति के लोगों पर बखूबी नजर रखें तो काफी हद तक हम, हमारे परिवार और समाज का भला हो सकता है साथ ही ऐसी घटनाओं को होने से रोका जा सकता है।

गौरतलब है कि इस वीभत्स घटना को अंजाम देने वाला आरोपी नवीन ब्राउन शुगर, गांजा, अफीम, चरस, शराब और नाइट्रावेट सहित सभी तरह का नशा करता है। वह नशा करने के बाद अपने शरीर को ब्लेड या चाकू से काटकर लहूलुहान करता था। उसके दोनों हाथ, सीने और पेट पर 60 से ज्यादा निशान हैं। उसके पड़ोसी सुनील भाकसे ने बताया वह 12 साल की उम्र से नशा करता है। उसके पांच महिलाओं से संबंध है। एक को छोड़कर दूसरी के पास चला जाता है। वह बड़वाली चौकी स्थित चाय दुकान पर काम करता था। उसकी गंदी हरकतों को देखकर दुकान मालिक ने उसे दो साल पहले निकाल दिया था।

नवीन के पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। परिवार में मां शशिकला, बहन रंजीता, मुनमुन, चंचल और भाई नीरज व विक्की है। उसके नाना जनकोजी रॉव घोड़पड़े उज्जैन के नागझिरि में टीआई रह चुके है। मां अवैध शराब बेचती थी। घर से ही उसे शराब पीने की लत लगी। बहन रंजीता ने बताया पैरू से अब कोई संबंध नहीं है। वह घर में था तो नशा करता था और मां-बहनों को ही पीटता था। चोरी करना, लोगों को पीटना उसकी आदत हो गई थी। उसे 15 साल की उम्र से ही घर से भगा दिया। फिर कभी वह बिजासन तो कभी चोइथराम मंडी में डेरों वालों के साथ रहने लगा। कभी-कभी गाडराखेड़ी भी आता था।

ज्ञात हो कि पांच माह की बच्ची की मौत की गुत्थी सिर्फ 20 मिनट में तब सुलझ गई, जब पुलिस के पास फुटेज आए। रेखा ने फुटेज देख पति (नवीन) के रूप में पहचान की। सीएसपी बीपीएस परिहार ने बताया कि  फुटेज से आरोपित की शिनाख्त करवाना थी। राजवाड़ा पर फुग्गे बेचने वालों को उसे दिखाकर पूछताछ की। तब वहां रेखा नामक महिला ने उसकी शिनाख्त पति नवीन के रूप में की। फुटेज देख बच्ची की मां व रेखा ने एकदूसरे का मुंह देखा। पूछताछ में पहले तो रेखा खामोश रही।

फिर मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया तो उसे आंसू आ गए। उसने कहा इस दरिंदे से हम भी परेशान हैं, उसे फांसी देना चाहिए। उसके बाद रेखा टीम के सिपाही जवाहर सिंह और सुरेश कुशवाह को उसके गाडराखेड़ी स्थित घर ले गई। पुलिस शाम 6.30 बजे गाडराखेड़ी पहुंची तो घर के पास चौराहे पर ही नवीन बैठा दिखा। वह पुलिस को देख भागने लगा। पकड़े जाने पर उसने कहा- ‘मुझे छोड़ दो, मैं काली माता के मंदिर दर्शन करने जा रहा हूं। थाने में सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल लिया।

वहीं दुसरी तरफ एक यह भी दुनिया है कि बच्ची के साथ हुई दरिंदगी में शहरवासी आंसू बहा रहे हैं। सभी की संवेदनाएं बच्ची से जुड़ गईं। वहीं, शमशान घाट पर अंतिम संस्कार करने वालों ने उस समय इंसानियत को तार-तार कर दिया। जब परिजन बच्ची का शव लेकर जूनी इंदौर स्थित बच्चों के श्मशान गए।

वहां शव दफनाने के लिए उनसे स्र्पए मांग लिए गए। मना करने पर अंतिम संस्कार से मना कर दिया। बाद में पुलिस अफसरों ने  एमजी रोड के सिपाही जवाहर सिंह को मौके पर भेजकर अंतिम संस्कार करवाया। इधर, बच्ची के परिजन की मदद को लेकर आगे आए प्रॉपर्टी ब्रोकर धीरज ठाकुर ने 21 हजार रुपए दिए। इसके अलावा एक बड़ी ही अहम और गंभीर बात है कि पुलिस के मुताबिक मृतका के माता पिता भी शराब के आदी हैं। प्रशासन ने बच्ची के अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपयों की घोषणा की थी, लेकिन परिवार का बैंक में खाता नहीं होने से अफसर परिजन को राशि नहीं दे पाए। उन्हें आशंका थी  कि नकद रुपए देने पर वे शराब न पी जाएं।

 

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