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जब योगी के गढ़ में ही शोहदों का ऐसा आतंक तो बाकी का क्या कहना

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डेस्क। उत्तर प्रदेश में बेटियों के साथ शोहदों द्वारा जारी छेड़खानी के चलते कितनी ही खौफनाक और दर्दनाक घटनायें सामने आने के बावजूद भी इन पर काबू न किया जा सकना कहीं न कहीं शासन और प्रशासन समेत पुलिस प्रशासन के बीच इसको लेकर इच्छा शक्ति की कमी है। जिसकी बानगी है कि अब तो हद ही हो गई जब मुख्यमंत्री योगी के गढ़ में ही शोहदों की दबंगई और आतंक के चलते स्कूल प्रशासन को स्कूल ही बंद कर देना पड़ा।

गौरतलब है कि पं. जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, तिलौरा में 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ती हैं। बताया जाता है कि स्कूल खुलने और बंद होने के समय बाहर शोहदों की भीड़ लगी रहती है। इतना ही नहीं आए दिन आते-जाते छात्रओं के साथ वे छेड़खानी करते हैं। आरोप है कि इसमें स्कूल के भी कुछ छात्र शामिल रहते हैं। कॉलेज के उपप्रबंधक सुनील धर दुबे का कहना है कि बीते 7 सितंबर को उन्होंने इस संबंध में सहजनवां पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

इस बीच थरुआपार चौराहे पर शोहदों ने स्कूल से आ रही 11वीं की छात्र को रोक कर सरेआम छेड़खानी की गई। इस घटना के बाद प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने आरोपियों को विद्यालय में बुलाकर समझाने का प्रयास किया तो वे मारपीट पर आमादा हो गए। ऐसे में तंग आकर स्कूल प्रशासन ने शोहदों पर कार्रवाई होने तक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रबंधक ने सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन से मदद मांगी है। फिलहाल कॉलेज में शोहदों के आतंक को लेकर स्कूल बंद करने की घटना इलाके में चर्चा का विषय है।

एसपी नॉर्थ के मुताबिक स्कूल के छात्रों और बाहरी छात्रों से मारपीट हुई थी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा भी लिखा था। इसके साथ ही एसपी नॉर्थ ने कहा है कि स्कूल प्रशासन बाहरी छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव बनाना चाहते हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन इस तरह की बातों के जरिए पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि एसपी नॉर्थ ने कहा है कि इस प्रकरण में गंभीरता दिखाते हुए 2 नामजद व 5 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी करने का प्रयास किया जा रहा है।

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