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फिर रफ्तार और लापरवाही बनी 6 मासूमों का काल, 13 बच्चे गंभीर हालत में पहुंचे अस्पताल

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नई दिल्ली। देश भर में हर रोज कितने ही खौफनाक और शर्मनाक हादसों का सामने आना बावजूद इसके लोगों द्वारा सबक न लिये जाना याथ्न फिर एक और हादसे का सामने आना। ऐसा ही कुछ आज हर तरफ हो रहा है। इसी क्रम में आज हिमाचल में ही एक बार फिर एक बेहद ही खौफनाक सड़क हादसे में छह मासूम बच्चों समेत बस चालक की दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक बच्चों को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में ददाहू-संगड़ाह सड़क मार्ग पर खड़कोली के समीप एक प्राइवेट स्कूल बस करीब 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में छह मासूम बच्चों समेत बस के चालक की मौत हो गई। जबकि 13 बच्चे घायल हो गए। मृतक और घायलों में अधिकतर बच्चे 10 वर्ष से कम उम्र के थे। हादसे की वजह लापरवाही व तकनीकी खराबी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अक्सर यह बस खराब हो जाती थी। बस में कोई अटेंडेंट भी नहीं था। वहीं, मोड़ पर बस रॉन्ग साइड से नीचे जा गिरी।

वहीं घायल बच्चों में से छह की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिनको पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएवीएन स्कूल ददाहू की 26 सीटर बस (एचपी-71-4993) संगड़ाह की ओर से सुबह बच्चों को लेकर आ रही थी। खड़कोली के समीप एक मोड़ पर अचानक बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। मौके की स्थिति के अनुसार चालक ने हालांकि ब्रेक लगाकर बस रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन बस अनियंत्रित होकर गलत दिशा की तरफ से खाई में गिर गई।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार और घायलों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, रेणुका के विधायक विनय कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि पुलिस ने भादंसं की धारा 279, 337, 338 और 304ए के तहत मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।

जबकि इस बाबत उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि बस दुर्घटना की न्यायिक जांच के निर्देश दिए गए हैं और एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है जिन्हें 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीडी शर्मा और बीएमओ डॉ. मनीषा अग्रवाल ने बताया कि घायल बच्चों का अस्पताल में निशुल्क उपचार किया जा रहा है।

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