Monday , August 3 2026
Breaking News

अयोध्या में रामभक्तों के लिए प्रसाद वाली निःशुल्क राम रसोई शुरू

Share this

अयोध्या. अयोध्या में तीन दिवसीय राम विवाह उत्सव पर रामभक्तों के लिए प्रसाद वाली निःशुल्क राम रसोई की आज से शुरूआत हो गई है, Ram Rasoi में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलेगा. महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने रविवार को इसकी शुरुआत की. रामकोट क्षेत्र स्थित अमावा राम मंदिर में रविवार को राम रसोई का भव्य शुभारंभ किया . अमावा मंदिर के व्यवस्थापक पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने बताया कि मंदिर में तीन दिवसीय राम विवाह उत्सव का उल्लास भी झलक रहा है. पहले दिन तिरुपति बालाजी से आए वैदिक पंडितों द्वारा विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया गया.

रविवार को राम रसोई का शुभारंभ किया गया. आज से विवाह पंचमी पर रामविवाह उत्सव में शामिल भक्तों को भोजन प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा. कल 2 दिसंबर से रामलला के दर्शन को आने वाले राम भक्तों को निःशुल्क भोजन प्रसाद की व्यवस्था होगी. पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने बताया कि मंदिर में राम विवाह उत्सव पर विभिन्न कार्यक्रम संचालित है. रामलला के मंदिर के ठीक बाहर अमावा मंदिर में पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट ने राम रसोई की शुरुआत की है. राम रसोई में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलेगा.

पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, महावीर मंदिर ट्रस्ट 10 करोड़ रुपये चंदे के तौर पर राम मंदिर के लिए ऐलान कर चुका है. अभी हाल में आचार्य किशोर कुणाल ने कहा था कि अयोध्या में राम रसोई के लिए 60 क्विंटल गोविंद भोग और कतरनी चावल अयोध्या भेजा गया है. कुणाल ने कहा कि सभी चावल कैमूर (बिहार) के मोकरी गांव से मंगवाया गया है. राम रसोई और भगवान के भोग की सेवा लगातार चलती रहेगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए अयोध्या के मुख्य पुजारी से बात हो चुकी है.

कुणाल ने कहा कि बिहार में पहले से ही सीतामढ़ी में सीता रसोई चल रही है. यहां दिन में 500 लोग और रात में 200 लोगों को मुफ्त में भोजन कराया जाता है. इसी क्रम में अयोध्या में भी राम रसोई शुरू होने जा रही है. यहां शुरुआती दौर में प्रतिदिन एक हजार लोगों के भोजन करने की संभावना है. इसके बाद में राम भक्तों की बढ़ती संख्या के आधार पर ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »