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BJP सांसद बोले- एक तबका बना न ले कहीं दूरी, इसलिए अब समीक्षा है बहुत जरूरी

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नई दिल्ली। सत्ता की चाह में भाजपा का अति दलित प्रेम अब गैर तो गैर बल्कि उनके अपनों को ही अखरने लगा है। क्योंकि भाजपा के इस प्रेम के चलते उसका दूसरा और अब तक का अहम रहा तबका उसके हाथ से निकलने लगा है। इसकी ही बानगी है जो अब भाजपा के ही एक सांसद ने भी कह ही दिया कि बेहतर है कि आरक्षण व्यवस्था की बखूबी समीक्षा की जाए।

गौरतलब है कि राजस्थान से भाजपा के राज्यसभा सदस्य हर्षवर्धन सिंह डूंगरपुर ने कहा है कि संसद द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में संशोधन से समाज का एक बड़ा तबका थोड़ा नाराज है। जिसको देखते सरकार को इस नाराजगी पर भी ध्यान देना जरूरी है।

दरअसल डूंगरपुर की पूर्व रियासत से ताल्लुक रखने वाले हर्षवर्धन सिंह ने अपने स्थानीय आवास ‘उदय विलास पैलेस में एक न्यूज एजेंसी से बात के दौरान कहा, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यह सुविधा सिर्फ उन्हें ही मिले जो वाकई इसके जरूरतमंद हैं। उन्होंने कहा ‘अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में संसद द्वारा हाल ही में किए गए संशोधन से समाज का एक बड़ा तबका थोड़ा नाराज है।’

इतना ही नही इसके साथ ही सिंह ने कहा, ‘डूंगरपुर जैसे जिले में लगभग हर बड़े राजनीतिक पद पर जातिगत आरक्षण है। इस व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए ताकि सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके।’ सिंह ने दावा किया कि दक्षिणी राजस्थान में नरम नक्सलवाद पांव पसार रहा है और हालात पर अगर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह भी समस्या बढ़ सकती है।

हालांकि इस बाबत राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी सांसद के दावे की पुष्टि करते हुए भाषा से कहा कि दक्षिणी राजस्थान के तहत आने वाले उदयपुर संभाग में नक्सल गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रही हैं और इस पर लगाम लगाने के लिए उचित कार्रवाई की जा रही है।

इसके अलावा सिंह ने कहा कि नक्सलियों ने जिस तरह पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि को ‘लाल गलियारा बना रखा है, उसी तरह दक्षिणी राजस्थान को उन्होंने गुलाबी रंग से चिह्नित किया है। हमारे कुछ इलाकों में भील प्रदेश नाम से अलग राज्य की मांग की आड़ में गैर-कानूनी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इसे एक तरह से ‘नरम नक्सलवाद (सॉफ्ट नक्सलिज्म) कहा जा सकता है।

वहीं जबकि आगामी चुनावों में भाजपा के सामने चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर हर्षवर्धन सिंह ने स्वीकार किया कि गुटबाजी और अपने ही कुछ लोगों से भितरघात का खतरा तो है। लेकिन उन्होंने कहा यह चुनौती तो कांग्रेस के भी सामने है। मुझे यकीन है कि भाजपा इन चुनौतियों से सफलतापूर्वक पार पा लेगी और प्रदेश में फिर से हमारी सरकार बनेगी।

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