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योगी की हनुमान पर की गई टिप्पणी, मुसीबत बन गई अब काफी बड़ी

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नई दिल्ली। राजस्थान में जहां चुनावी माहौल चरम पर है और अपनी-अपनी जीत के लिए तकरीबन सभी दल के नेता न सिफ पूरी ताकत झोंकने में लगे हैं वहीं हर तरह के हथकण्डे भी अपना रहे हैं। ऐसे में भाजपा के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जोश में कुछ ऐसा बोल गये कि जिसके चलते अच्छी खासी मुसीबत खड़ी हो गई है। इतना ही नही बल्कि सर्व ब्राहम्ण समाज ने उनको नोटिस भी भेज दिया है। साथ ही कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भी योगी को घेरा। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभाओं में भगवान बजरंगबली को दलित, आदिवासी, वंचित और गिरवासी करार दिया। योगी ने कहा कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित और वंचित हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने योगी को घेरा। वहीं, सर्व ब्राह्मण महासभा ने हनुमान जी को जातियों में बांटने का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा है।

सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने वकील के माध्यम से योगी आदित्यनाथ को भेजे नोटिस में तीन दिन में माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि योगी आदित्यनाथ तीन दिन में माफी नहीं मांगते हैं तो फिर वे कानूनी कदम उठाएंगे। ब्राह्मण समाज आंदोलन भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि बजरंगबली की पूजा पूरे विश्व में होती है। उनके प्रति हिंदू समाज की गहरी आस्था है। ऐसे में उन्हें दलित और आदिवासी बताकर जातिगत सियासत का कार्ड खेलना शर्मनाक है। इससे हिंदू समाज की भावना आहत हुई है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत एवं यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा के पास अब कोई मुद्दे नहीं बचे, इसलिए अब भगवान हनुमानजी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि भाजपा बौखला गई है। केवल चुनाव के समय राम मंदिर याद आता हैं और अब हनुमानजी याद गए। हार के भय से योगी आदित्यनाथ ने हनुमानजी को जाति में बांटने तक का प्रयास किया है। वहीं, प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अब तक इंसान को बांटने का काम कर रही थी, लेकिन अब भगवान को भी जाति में बांट रही है।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ में हनुमानजी को आदिवासी बताया था, वहीं राजस्थान में दलित और वंचित बता दिया। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा का वैचारिक स्तर किस हद तक गिर गया है। भारत वाहिनी के अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने भी योगी आदित्यनाथ के बयान की आलोचना की है।

इधर, भाजपा ने योगी के हनुमान की जाति पर दिए बयान से किनारा कर लिया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि ये तो उन्होंने कांग्रेस को जवाब देने के लिए कहा होगा। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने इस तरह के बयान की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।

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