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बुलंदशहर हिंसाः जीतू की तरह प्रशांत भी बोला ये ही, मैंने इंस्पेक्टर को मारा ही नही

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लखनऊ। प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में भड़की हिंसा के दौरान हुए इंसपेक्टर सुबोध कुमार के कत्ल का मामला दिन ब दिन सुलझने के बजाय उलझता ही नजर आ रहा है। क्योंकि अभी तक जिस तरह इस मामले में किस्से और कहानियां सामने आ रही हैं। उससे ऐसा लगता है कि शायद ही शहीद जांबाज इंसपेक्टर को असल गोली मारने वाला सामने आ सके। दरअसल अभी तक जिसको-जिसको हत्यारोपी बनया गया वो ऐन मौके पर साफ मुकर गया। इसी क्रम में आज अदालत में पेश किया गया हत्यारोपी प्रशांत नट भी अपने द्वारा हत्या किये जाने से इंकार कर बैठा।

गौरतलब है कि जनपद बुलंदशहर में चिंगरावठी पुलिस चौकी बवाल प्रकरण में स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने वाले् प्रशांत नट को आज सीजेएम के कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि पुलिस ने उसकी रिमांड नहीं मांगी। लेकिन एक बार फिर पेंच उस वक्त फंसता नजर आया जब इंस्पेक्टर सुबोध के हत्यारोपी के रूप में गिरफ्तार किए गए जीतू फौजी की तरह ही प्रशांत नट ने भी यही कहा कि उसने इंस्पेक्टर सुबोध को गोली नहीं मारी है। वहीं इस मामले में चिंगरावठी माजरा का रहने वाला मुकेश नाम का एक गवाह सामने आ गया है और उसने कहा कि प्रशांत ने ही इंस्पेक्टर सुबोध को गोली मारी है।

ज्ञात हो कि प्रशांत नट को बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बुलंदशहर-नोएडा बॉर्डर पर पकड़े गए प्रशांत से पूछताछ के बाद पुलिस ने बवाल में मारे गए सुमित की मौत का भी खुलासा कर दिया। पुलिस गिरफ्तारी के बाद प्रशांत नट को लेकर मौके पर पहुंची और 3 दिसंबर की घटना का सीन रीक्रिएट किया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि इंस्पेक्टर पर सबसे पहले आरोपी कलुआ ने कुल्हाड़ी से वार किया था। सुमित ने पत्थर फेंके थे, जिसमें इंस्पेक्टर खेत में गिर गए थे। इंस्पेक्टर ने बचाव में गोली चलाई तो एक गोली सुमित को लगी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। करीब 10 मिनट बाद जॉनी, राहुल, डेविड के साथ वापस लौटे प्रशांत ने इंस्पेक्टर की ही पिस्टल छीनकर उनकी आंख के पास गोली मारी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। घटना वाले दिन मौजूद रहे दो गवाहों ने भी इंस्पेक्टर को गोली मारने में प्रशांत की पहचान कर दी है।

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