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जाड़े की राह ताक रहे व्यापारी, 55 करोड़ रुपये का माल डंप

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भागलपुर. भागलपुर के व्यापारी जाड़े की राह ताक रहे हैं. अभी तक ठंड नहीं पड़ने के कारण कपड़ा व गीजर का बाजार तेज नहीं हुआ है. इसके कारण व्यापारियों का 55 करोड़ रुपये का माल डंप पड़ा हुआ है.

कुछ व्यापारियों ने गोदाम में जगह नहीं होने की स्थिति में अभी तक ऊनी कपड़ों को ट्रांसपोर्ट से नहीं उतारा है. व्यापारियों को उम्मीद थी कि छठ पूजा के बाद ठंड पड़ने लगेगी. इसको देखते हुए कंबल, चादर, रजाई, जैकेट, स्वेटर, कार्डिगन, लेडीज ऊनी कुर्ती, ऊनी मोजा, ऊनी ब्लाउज आदि सामान मांगवा कर स्टॉक कर लिए थे.

थोक व्यापारी कुंजबिहारी झुनझुनवाला ने बताया कि ठंड नहीं आने के कारण एक माह से व्यापारियों का 50 करोड़ रुपये का माल (कंबल, चादर, जैकेट आदि) फंसा हुआ है. व्यवसायियों को उम्मीद थी कि दुर्गापूजा के दौरान जिस तरह बारिश हुई थी, उसके बाद जल्द ही ठंड आ जायेगी. इसके कारण पहले ही कपड़ों का स्टॉक कर लिया था. माल ज्यादा नहीं बिकने के कारण अभी भी गोदाम कपड़ों से भरा हुआ है. इस कारण कई व्यापारी ट्रांसपोर्ट से कपड़ों को भी नहीं छुड़वा रहे हैं.

ठंड के सामान देश के विभिन्न जगहों से भागलपुर आते हैं. जयपुर से रजाई, हरियाणा से कंबल, पंजाब से स्वेटर और कार्डिगन, दिल्ली से रेडीमेड ब्लाउज आदि मंगवाए जाते हैं. पिछले साल अधिक ठंड पड़ने के कारण 20 दिन पहले ही पूरा ऊनी कपड़ा बिक चुका था. इसको ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने इस बार अधिक कपड़ों का स्टॉक किया है. कुंजबिहारी ने बताया कि व्यापारियों को उम्मीद है कि दिसम्बर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी. स्टॉक किया हुआ माल बिक जाएगा. अभी बाजार में ठंड के कुछ कपड़े निकल रहे हैं.

हीटर और गीजर में फंसा पांच करोड़

ठंड में गीजर और रूम हीटर की बिक्री काफी होती है. इस बार अभी तक बिक्री ज्यादा नहीं हो रही है. रूम हीटर नहीं के बराबर बिक रहा है. व्यवसायी नवनीत ढाढनियां ने बताया कि ठंड के मौसम में 10 करोड़ का वाटर हीटर और रूम हीटर का कारोबार होता है. व्यवसायियों ने पांच करोड़ का स्टॉक अभी तक किया है लेकिन रूम हीटर का कोई सेल नहीं हो रहा है. गीजर ही कुछ बिक रहा है.

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