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नागरिकता कानून के खिलाफ बंगाल में हिंसक प्रदर्शन , बसों ट्रेनों में लगाई आग

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कोलकाता. बंगाल में भी नागरिकता कानून का विरोध जारी है और शनिवार को राज्‍य के मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला रेलवे स्‍टेशन पर 5 खाली ट्रेनों में आग लगा दी गई. प्रदर्शनकारियों ने राज्‍य के विभिन्‍न हिस्‍सों में सड़क मार्ग अवरुद्ध किए और रेल सेवाओं को भी प्रभावित किया. गौरतलब है कि इस बिल के विरोध में पूर्वोत्तर भारत और खासकर असम में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. असम में तो कर्फ्यू को धता बताकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग में दो लोगों की मौत तक हो चुकी है. हालांकि पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्‍से में प्रतिबंधों में ढील के बाद स्थिति शांतिपूर्ण रही.

गौरतलब है कि नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन (Violent protests) हुए. कई बसों और एक रेलवे स्टेशन परिसर में आगजनी की गई. पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद और उत्तरी 24 परगना जिलों तथा हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं.

इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने करीब 15 बसों को आग के हवाले कर दिया, जिनमें सार्वजनिक के साथ-साथ निजी बसें भी शामिल हैं. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-छह (मुंबई रोड) और राष्ट्रीय राजमार्ग-दो (दिल्ली रोड) को कोलकाता से जोड़ने वाले कोना एक्सप्रेसवे पर हावड़ा में यातायात अवरुद्ध कर दिया. उन्होंने बताया कि इससे एक्सप्रेसवे पर यातायात थम गया.

पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और जिले की कई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया. यह राजमार्ग उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है. वहां बसों को भी आग के हवाले कर दिया गया. जिले में अन्य सड़कों को भी बाधित कर दिया गया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले के दोम्जुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग छह भी बाधित कर दिया. उन्होंने टायर जलाए और कई वाहनों में तोड़ फोड़ की. पुलिस ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर हैं.

पूर्वी रेलवे के सियालदह-हसनाबाद के बीच रेल सेवाएं भी बाधित हैं. इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि बीती रात से ग्रामीण हावड़ा के बगनान इलाके में 20 दुकानों में आगजनी की गई. उन्होंने बताया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले में संकरेल रेलवे स्टेशन परिसर के एक हिस्से में भी आगजनी की. प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन पर मौजूद रेलवे पुलिस बल के कर्मियों को भी पीटा. रेलवे के क्षेत्रीय प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि दक्षिण पूर्वी रेलवे के हावड़ा-खड़गपुर खंड पर भी सुबह 11 बजे से ट्रेन सेवाएं ठप रहीं, क्योंकि प्रदर्शनकारी सांकरील, नालपुर, मोरीग्राम और बकरनवाबाज़ स्टेशनों पर पटरियों पर बैठ गए.

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि आठ एक्सप्रेस ट्रेनों सहित 20 ट्रेनें दक्षिण पूर्व जोन में विभिन्न स्टेशनों पर रोकी गईं. इस खंड पर कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं. रद्द की गईं ट्रेनों में लंबी दूरी की ट्रेनें भी हैं जिनमें 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस, 120889 हावड़ा-तिरुपति हमसफर एक्सप्रेस, 22877 हावड़ा एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस और 12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस शामिल हैं. 12245 हावड़ा-यशवंतपुर दुरंतो एक्सप्रेस भी रद्द की गई है

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में भी शुरू हो गया. प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया और रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की. वे इस कानून को फौरन रद्द करने की मांग कर रहे हैं. पूर्वोत्तर भारत में भी इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाये रखने और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की.

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘कानून अपने हाथ में मत लीजिए. सड़क और रेल यातायात जाम मत कीजिए. सड़कों पर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी मत कीजिए.” उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी संपत्तियों को नुकसान मत पहुंचाइए. जो लोग परेशानियां खड़ी करने के दोषी पाए जायेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

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