Thursday , August 6 2026
Breaking News

सोनिया गांधी का मोदी सरकार से सवाल- 17 मई के बाद क्या होगा और लॉकडाउन कब तक चलेगा.?

Share this

नई दिल्ली. देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन 3.0 लागू किया हुआ है. इस लॉकडाउन की अवधि 17 मई को पूरी होगी. हालांकि, नेताओं और आम लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा जारी है कि लॉकडाउन खुलने के बाद क्या हालात पहले जैसे सामान्य होंगे या नहीं. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को लॉकडाउन की अवधि का आंकलन करने के लिए कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि यह तय करने का सरकार का मापदंड क्या है कि लॉकडाउन कितने लंबे समय तक जारी रहेगा. 

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक सोनिया ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कहा कि 17 मई के बाद क्या?  17 मई के बाद कैसे होगा? भारत सरकार यह तय करने के लिए कौन सा मापदंड अपना रही है कि लॉकडाउन कितना लंबा चलेगा. बैठक में उनकी बात का समर्थन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, जैसा कि सोनिया जी ने कहा है कि हमें यह जानने की जरूरत है कि लॉकडाउन -3 के बाद क्या होगा?

किसानों को लेकर सोनिया गांधी ने कहा कि हम अपने किसानों खासकर पंजाब और हरियाणा के किसानों का धन्यवाद करते हैं कि जिन्होंने तमाम दिक्कतों के बावजूद गेंहू की शानदार उपज पैदा करते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है. वहीं बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि कोविड-19 रणनीति का मुख्य बिंदु बुजुर्गों तथा मधुमेह और दिल की बीमारी से पीडि़त लोगों को बचाना है. पी. चिदंबरम ने कहा कि वित्त के मामले में राज्यों की हालत बेहद खराब है, लेकिन केंद्र उन्हें कोई धनराशि आवंटित नहीं कर रहा है.

मुख्यमंत्रियों ने आर्थिक पैकेज की मांग उठाई

वहीं कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कोरोना महामारी के कारण राजस्व के भारी नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेशों के लिए आर्थिक पैकेज देना चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के अनुसार बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, जब तक व्यापक प्रोत्साहन पैकेज नहीं दिया जाता तब तक राज्य और देश कैसे चलेगा? हमें 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. राज्यों ने प्रधानमंत्री से पैकेज के लिए लगातार आग्रह किया है, लेकिन हमें अब तक भारत सरकार से कुछ नहीं पता चला.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे राज्यों को तत्काल सहायता की जरूरत है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां 80 फीसदी छोटे उद्योग फिर से आरंभ हो गए हैं और 85,000 कामगार काम पर लौट चुके हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग जमीनी हकीकत जाने बिना कोविड-19 के जोन का वर्गीकरण कर रहे हैं, जो चिंताजनक बात है. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने भी कहा, भारत सरकार राज्यों के साथ विचार-विमर्श किए बिना जोन का निर्धारण कर रही है और इससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है. किसी मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के बारे में एक शब्द नहीं बोले हैं.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »