Monday , August 3 2026
Breaking News

कारोबारियों के संगठन कैट ने किया चीनी सामान के बहिष्कार का आह्वान, 500 से अधिक वस्तुओं की लिस्ट की जारी

Share this

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन की सैन्य आक्रामकता की आलोचना करते हुए, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का लोगों से आह्वान किया है. इसको लेकर कैट ने करीब 500 आयातित वस्तुओं की सूची भी तैयार की है. सीएआईटी ने कहा कि उसका उद्देश्य दिसंबर 2021 तक चीन में तैयार माल के आयात को 13 बिलियन डॉलर या करीब 1 लाख करोड़ रुपये कम करना है. सोमवार को लद्दाख में गलवान घाटी के पास भारत-चीन के बीच हुए संघर्ष के बाद कैट ने यह कदम उठाया है.

यह है कैट द्वारा जारी सामानों की लिस्ट

कैट द्वारा तैयार की गई इस लिस्ट में रोज़मर्रा में काम आने वाली वस्तुएं जैसे- खिलौने, फर्निशिंग फैब्रिक, टेक्सटाइल, बिल्डर हार्डवेयर, फुटवियर, गारमेंट, किचन का सामान, लगेज, हैंड बैग, खाद्यान, घडिय़ाँ, जैम एंड ज्वेलरी, वस्त्र, स्टेशनरी, कागज़, घरेलू वस्तुएं, फर्नीचर, लाइटिंग, हेल्थ प्रोडक्ट्स, पैकेजिंग प्रोडक्ट,ऑटो पार्ट्स, कॉस्मेटिक्स, गिफ्ट आइटम, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन अपैरल, यार्न, फेंगशुई आइटम्स, दिवाली एवं होली का सामान, चश्में, टेपेस्ट्री मैटेरियल आदि शामिल हैं.

70 बिलियन डॉलर का है चीन से निर्यात

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस अभियान के संबंध में कहा, चीन से भारत का आयात लगभग 5.25 लाख करोड़ अर्थात 70 बिलियन डॉलर सालाना का है. कैट ने पहले दौर में 3,000 से अधिक उत्पादों का चयन किया है, जो भारत में भी बनाई जाती हैं, लेकिन कम कीमत का भुगतान करने के लालच में चीन से इन वस्तुओं को आयात किया जा रहा है. इन चीनी वस्तुओं की जगह पर भारत में निर्मित वस्तुओं का प्रयोग काफी सहजता से किया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि, जिन उत्पादों में तकनीक महत्व है, फिलहाल उनको बहिष्कार में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि जब तक इस प्रकार की तकनीक का विकल्प भारत में विकसित नहीं हो जाता या भारत के किसी मित्र देश द्वारा इस तरह का उत्पाद निर्मित नहीं होता, तब तक उस प्रकार की तकनीक वाली वस्तुओं के उपयोग के अलावा दूसरा कोई विकल्प फिलहाल नहीं है.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »