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लंबे समय बाद इन राज्यों में सभी क्लासेज के लिए खोले स्कूल, मानना होंगे कोरोना संबंधी नियम

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था को बुरी तरह धक्का लगा है. बीते साल लगे लॉकडाउन के बाद तकरीबन सभी शिक्षण संस्थानों और स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज का सहारा लेना पड़ा. इस साल की शुरुआत में कुछ राज्यों ने कुछ नियमों के साथ फिजिकल क्लासेज की शुरुआत की थी. केवल 50 फीसदी छात्रों की उपस्थिति का ही नियम बनाया गया था. लेकिन जैसे ही दूसरी लहर का प्रकोप फैला तो स्कूल बंद करने पड़े.

अब पंजाब ने एक बार फिर सभी क्लासेज के लिए स्कूल खोल दिए हैं. हालांकि राज्य सरकार ने कोरोना संबंधी नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत भी दी है. राज्य के अतिरिक्त गृह सचिव ने सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को खत लिखकर इस बाबत निर्देश दिए हैं. पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया के दौरान उनके डिपार्टमेंट ने कोरोना से बचाव संबंधी सभी नियमों पर फोकस किया.

छत्तीसगढ़ ने भी स्कूल खोल दिए हैं. राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और कॉलेज को खोलने की योजना बनाई है. राज्य कैबिनेट ने फैसला किया है कि स्कूलों को खोलने की छूट तब ही दी जाएगी जब संबंधित इलाके के जनप्रतिनिधि इसको अप्रूव करेंगे. साथ ही अभिभावकों की अनुमति भी जरूरी होगी. स्कूलों के अध्यापकों और प्रधानाध्यपकों को भी कोरोना संबंधी नियमों के पालन के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी 16 अगस्त से हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों की फिजिकल क्लासेज शुरू की जाएंगी. लेकिन केवल 50 फीसदी छात्रों की उपस्थिति के साथ ही क्लासेज चलाई जाएंगी. साथ ही राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में आगामी एक सितंबर से क्लासेज चलाने को लेकर निर्देश दिए हैं.

आंध्र प्रदेश में स्कूल 16 अगस्त खुल जाएंगे. राज्य के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इस संबंध में स्कूलों को निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री की तरफ से 16 अगस्त से स्कूल खोलने के साथ नई एजुकेशन पॉलिसी से संबंधित स्ट्रक्चर लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं. इससे पहले कोरोना से देश में सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में भी स्कूल खुलने की शुरुआत हो चुकी है. गुजरात में भी स्कूलों को खोलने की शुरुआत जुलाई महीने में हो गई थी.

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