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भारतीय व्यापारियों ने शुरू किया चीनी माल के बहिष्कार का राष्ट्रव्यापी अभियान

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नई दिल्ली. कोरोना के लिए जिम्मेवार ठहराए जा रहे चीन को आर्थिक झटका देने की तैयारी की जा रही है. इसी तैयारी के बीच चीनी सामान के बहिष्कार की खबरें सामने आ रही हैं. इसी प्रक्रिया में कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स  के तहत व्यापारियों ने करीब 3,000 ऐसी वस्तुओं की लिस्ट बनाई है जिनका बड़ा हिस्सा चीन से आयात किया जाता है, लेकिन जिनका विकल्प भारत में मौजूद है या तैयार किया जा सकता है. जिन चीजों की लिस्ट बनाई गई है उनमें से बड़ा हिस्सा चीन से आयात किया जाता है, लेकिन इनमें से कई का विकल्प भारत में मौजूद है या तैयार किया जा सकता है. CAIT ने जिन वस्तुओं की सूची बनाई है, उनमें मुख्यत: इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, एफएमसीजी उत्पाद, खिलौने, गिफ्ट आइटम, कंफेक्शनरी उत्पाद, कपड़े, घड़ियां और कई तरह के प्लास्टिक उत्पाद शामिल हैं. कैट अपने इस अभियान के अंतर्गत देश भर में व्यापारियों एवं लोगों को जागरूक करेगा की चीनी वस्तुओं की बजाय भारतीय उत्पाद ही बेचे और खरीदे जाएँ .चीनी माल का बहिष्कार करें या न करें … कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि चीन के लगातार भारत विरोधी रवैय्ये को देखते हुए कान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज देशभर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक राष्ट्रीय अभियान  भारतीय सामान -हमारा अभिमान की शुरुआत की. इसमें कैट ने दिसम्बर 2021 तक चीन में निर्मित वस्तुओं के भारत में आयात को 1 लाख करोड़ कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. कैट का यह अभियान देश स्थानीय एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तथा इन उद्योगो को आत्मनिर्भर बनाने किया जा रहा है. अमर पारवानी ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित वीडियो संवाददाता सम्मेलन में जिसमें देश के सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेता भी शामिल थे, में कहा कि चीन से भारत में मौटे तौर पर चार प्रकार की वस्तुएं आयात होती हैं जिनमें तैयार माल यानी फिनिश्ड गुड्स, कच्चा माल अर्थात रॉ मैटेरियल, स्पेयर पार्ट्स तथा तकनीकी उत्पाद शामिल हैं. कैट ने पहले चरण में चीन से आयात होने वाले तैयार माल की वस्तुओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

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