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कोरोनाः हाल-फिलहाल के ये आंकड़े, बता रहे अभी खतरे हैं बड़े

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नई दिल्ली। भले ही देश में लोगों को हालात काफी हद तक सम्हलते नजर आ रहे हों लेकिन अगर हाल के कुछ आंकड़ों पर गंभीरता से गौर करें तो उसके हिसाब से खतरा अभी भी बरकरार है क्योंकि जिस तरह से देश में फिलहाल कोरोना के रोजाना मिलने वाले मामले लगातार 45 से 50 हजार के बीच बने हुए हैं। साथ ही कुछ राज्यों में जिस तरह से अभी हालात सामान्य नही हो पाए हैं वो वाकई में न सिर्फ चिंताजनक है बल्कि बेहद ही गंभीर भी हैं। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नही किया जा सकता है कि खतरा अभी बरकरार है।

गौरतलब है कि हाल-फिलहाल देश में 45 से 50 हजार कोरोना मामलों का रोजाना ही आना जारी है। जिसको देखते हुए ही विशेषज्ञों का कहना है कि इतने मामले अभी भी सक्रिय रूप से बने रहने का मतलब है कि हम लोग अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। खासतौर पर देश के कुछ राज्यों में हालात अभी भी बेहतर नहीं हो पाए हैं।  बेहद ही गंभीर और विचार करने वाली बात ये है देश के 50 फीसदी सक्रिय मामले सिर्फ दो राज्यों-केरल और महाराष्ट्र से ही आ रहे हैं। अब इन दोनों राज्यों के लिए विशेष रणनीति के तौर पर अपनी योजनाओं को कोरोना से लड़ने के लिए बनानी होंगी। बीते कुछ दिनों से पूरे देश में कोरोना के मामले तो कम हुए हैं, लेकिन महाराष्ट्र और केरल में हालात अभी भी बेहतर नहीं है।

ज्ञात हो कि विगत बृहस्पतिवार को पूरे देश में 48,786 कोरोना के नए संक्रमित मरीज सामने आए। इनमें से तकरीबन 50 फीसदी मामले सिर्फ महाराष्ट्र और केरल से थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई दोनों राज्यों की रिपोर्ट के मुताबिक केरल में जहां पर बृहस्पतिवार को 13,658 नए संक्रमित मरीज सामने आए। वहीं महाराष्ट्र में 9,775 संक्रमित मरीज मिले। दोनों राज्यों में संक्रमित मरीजों की संख्या का आंकड़ा बीते कुछ समय से तकरीबन इतना ही बना हुआ है।  मंत्रालय के विशेषज्ञों ने दोनों राज्यों को अन्य राज्यों, जहां कोरोना कंट्रोल किया गया है, के कोविड मैनेजमेंट को भी समझने के लिए कहा है। ताकि संक्रमित मरीजों की संख्या कम हो सके और हालात बेहतर हो सकें।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल कोविड टास्क फोर्स टीम के सदस्य डॉ एनके अरोड़ा कहते हैं कि हालात अभी भी खतरे से बाहर नहीं हैं। देश में 45 से 50 हजार के सक्रिय मरीजों का होना यह बताता है कि संक्रमण फैलने की संभावनाएं अभी भी बनी हुईं हैं। पूरे देश में जब तक 15 से 20 हजार सक्रिय मरीजों की संख्या नहीं पहुंच जाती तब तक यह कह पाना बड़ा मुश्किल होगा कि हालात आने वाले वक्त में कितनी जल्दी बेहतर हो सकेंगे। जब तक ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक स्थितियां अनुकूल नहीं हो सकती हैं। इसीलिए सभी लोगों को अपने तय शेड्यूल के मुताबिक टीका जरूर लगवा लेना चाहिए, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। महाराष्ट्र और केरल के बाद देश के चार और राज्य ऐसे हैं जहां पर कोरोना के मामले कम नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में बृहस्पतिवार को 4,506 मामले सामने आए जबकि कर्नाटक में 3382 मामले सामने आए। इसी तरह आंध्रप्रदेश में 3797, ओडिशा में 3371 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए।

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