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मुल्क में मुस्लिम औरतें हैं तलाक-हलाला से परेशान, वहीं सऊदी की औरतें छूने चलीं अब आसमान

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नई दिल्ली। एक तरफ हमारे मुल्क में मुस्लिम औरतें निकाह हलाला और तलाक में उलझी हैं और उधर एक कट्टर मुस्लिम मुल्क में औरतों को ड्राइविंग के बाद खुले आसमान में उड़ने तक की इजाजत की तैयारी हों गई है। दरअसल वो दिन भी दूर नही जब सऊदी की महिलाएं आसमान पर भी अपना धाक जमाएंगी.

गौरतलब है कि सऊदी अरब में महिलाओं के लिए नए नए अवसर खुल रहे है. अभी कुछ समय पहले ही महिलाओं को ड्राइविंग करने की लायसन्स दी गई है। सड़को पर आज़ादी से गाड़ी दौड़ाने के बाद अब सऊदी की महिलाएं आकाश की और देख रही है और वो दिन भी दूर नही जब सऊदी की महिलाएं आसमान पर भी अपना धाक जमाएंगी।

ख़बर आई है कि महिलाओं के लिए पहला फ्लाइट स्कूल खोला गया है। आक्सफोर्ड एविएशन एकेडमी सऊदी अरब के पूर्व शहर दम्मद में एक नई शाखा खोलने जा रही है।

सऊदी अरब ने पिछले साल सितंबर में एक आदेश जारी कर महिलाओं को पहली बार ड्राइविंग की अनुमति दी थी और अब हवाई जहाज उड़ाने की. आपको बता दें कि सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश था जहां महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ था।

यही नहीं इसके साथ ही यहां की महिलाओं को स्टेडियम में खेल मुकाबले देखने की अनुमति तक नहीं थी। लेकिन अब महिलाएं न केवल स्टेडियम में मैच देख पा रही हैं वहीं खेलों में उनको लेकर विचार भी बदल रही हैं। यहां महिलाओं पर अभी भी सदियों पुराने कड़े नियम, रूढ़िवादिता व सख्त कानून लागू थे।

सऊदी अरब में महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं. ऐसे कई अधिकार हैं जो सऊदी अरब के महिलाओं को नहीं मिली है जो बाकी देशों की अन्य महिलाओं को बहुत पहले से प्राप्त है। आपको जान कर हैरानी होगी कि सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून मौजूद नहीं है।

सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह की ज़रूरत होती है। पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती. इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

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