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प्रदेश सरकार विलुप्त नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए गम्भीर- धर्मपाल सिंह

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लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात की। श्री धर्मपाल सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को उ0प्र0 में विलुप्त हो रही नदियों के विकास एवं पुनर्जीवित करने के लिए किये जा रहे प्रदेश सरकार के प्रयासों एवं कार्यों से अवगत कराया। श्री सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में प्रदेश की आठ नदियों को चिन्हित किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इन नदियों में आमी नदी (गोरखपुर) गोमती नदी (लखनऊ), तमसा नदी (अयोध्या), वरूणा नदी (वाराणसी), सई नदी (लखीमपुर), अरिल नदी (बरेली), सोंत नदी (बदांयू) तथा बस्ती की मनोरमा नदी को चिन्हित किया जा चुका है। श्री सिंह ने कहा कि इसी प्रकार से प्रदेश के प्रत्येक जिले से एक-एक नदी को चिन्हित करके उनके विकास एवं पुर्नजीवित करने का प्रयास किया जायेगा।

सिंचाई मंत्री ने बताया कि इस काम में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जनता का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि बरेली में अरिल नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अभियान चलाया गया जो कि काफी सफल रहा तथा कई किमी0 तक नदी की गाद एवं जलकुम्भी आदि को साफ करके गहराई को बढ़ाया गया है। इसमें अब बारिस में काफी पानी को रोका जा सकेगा।

सिंचाई मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि आगामी कुम्भ मेले में (इलाहाबाद) उ0प्र0 सरकार पर्याप्त मात्रा में श्रद्धालुओं को स्नान हेतु पानी उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि इसके सम्बंध में उत्तराखण्ड सरकार से भी वार्ता हो चुकी है। उत्तराखण्ड सरकार ने टिहरी डैम से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का अश्वासन दे चुकी। सिंचाई मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से भी अपने स्तर से सहयोग देने का अनुरोध किया। श्री सिंह ने केन्द्रीय मंत्री से अयोध्या में रबर डैम बनाने के बारे में भी चर्चा की।

धर्मपाल सिंह ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जनपद बरेली के फरीद कोट, बुखारा, रामगंगा, चैपाही, भम्भौरा, रामनगर, शाहाबाद, बिल्लारी होकर मुरादाबाद को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज को बाजार पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा भारी संख्या में आम जनता को भी लाभ पहुंचेगा।

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