Wednesday , August 5 2026
Breaking News

देश में एक तरफ त्योहारों का मौसम, उस पर ATM से निकलने वाली राशि होने जा रही कम

Share this

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने गाहकों को जल्द ही एक झटका  देने वाला फैसला लेने का मन बना लिया है। जिसके तहत अब आप आगामी 31 अक्टूबर से एक दिन में अपने एटीएम द्वारा महज 20 हजार रूपये ही निकाल सकेंगे। जबकि अभी तक ये सीमा 40 हजार तक थी।

गौरतलब है कि इस बाबत एसबीआई शाखाओं को भेजे गए आदेश में कहा गया है, ‘बैंकों को एटीएम ट्रांजेक्शन में होने वाली धोखाधड़ी की मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए डिजिटल-कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के मकसद से कैश निकासी सीमा को घटाने का फैसला किया गया है।

बताया जाता है कि इतना ही नही बल्कि इसके साथ ही क्लासिक और मेस्ट्रो प्लैटफॉर्म पर जारी किए डेबिट कार्ड से भी निकासी सीमा को घटा दिया गया है।’ कैश निकासी सीमा में यह कटौती त्योहार शुरू होने से पहले की गई है। जो कि बेहद काबिले गौर है क्योंकि इससे बाजार में बिक्री पर काफी फर्क पड़ेगा।

इसके पीछे माना जा रहा है कि जहां सरकार डिजीटल ट्रांजेक्शन पर जोर दे रही है वहीं इसके बावजूद भी कैश की मांग में कटौती देखने को नहीं मिली है। कुछ आंकलन के अनुसार बाजार में कैश का फ्लो नोटबंदी से पहले के स्तर तक पहुंच गया है।

इसके साथ ही वहीं पिछले कुछ सालों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें कार्ड का क्लोन बनाने वाले धोखेबाज बैंक ग्राहकों के डेबिट कार्ड का पिन चोरी से लगाए हुए कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से पता कर लेते हैं। जिसके चलते सरकार और बैंक दासेनों ही को इस पर गंभीरता से ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है।

हालांकि इस कटौती पर बैंक के तमाम सीनियर अफसरों का मानना है कि, एटीएम से ज्यादातर छोटी राशि की निकासी की जाती है। 20 हजार रुपये अधिकतर ग्राहकों के लिए काफी है। हम छोटी निकासी पर होने वाले फ्रॉड में कमी को लेकर भी प्रयास कर रहे हैं।’

इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि जिन ग्राहकों को निकासी की ज्यादा सीमा चाहिए वह ऊंचे वैरिएंट वाला कार्ड ले सकते हैं। ऐसे कार्ड उन कस्टमर्स को जारी किए जाते हैं, जो अपने बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस से ज्यादा राशि बनाए रखते हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »