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#MeToo की चपेट में आना पड़ा भारी, इस केन्द्रीय मंत्री को हटाने की तैयारी

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नई दिल्ली। देश में “#मी टू” कैंपेन के चलते तमाम नामचीन हस्तियों के दिलों में बखूबी अब एक खौफ सा घर कर गया है। कि कहीं इस कैंपेन की चपेट में अगला मैं न होऊं ये सोच कर हर कोई डर गया है। वहीं इस सबके बीच सबसे अहम और बड़ी चर्चा ये है कि सरकार जल्द ही अपने एक केन्द्रीय मंत्री की इस कैंपेंन की चपेट में आने के चलते छुट्टी करने का मन बना रही है। ताकि आगामी चुनावों में किसी भी तरह की कोई बात न उठने पाये।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल अब तक उन पर मी टू कैंपेन के तहत 9 महिलाएं आरोप लगा चुकी हैं। वहीं कांग्रेस इस मामले में पहले ही सवाल उठा चुकी है। जिसे देखते मोदी सरकार उन पर जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है। जानकारी के मुताबिक एमजे अकबर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। वह फिलहाल नाइजीरिया की यात्रा पर हैं। सूत्रों के मुताबिक अकबर से इस्तीफा लेकर उन्हें पार्टी के लिए काम करने को कहा जा सकता है।

अगर सूत्रों की मानें तो सरकार ने एमजे अकबर से नाइजीरिया दौरा बीच में छोड़कर देश वापस लौटने को कहा है। पार्टी नहीं चाहती कि आगामी चुनाव में भाजपा की छवि किसी भी वजह से धूमिल हो और उसका असर चुनाव पर पड़े। खासतौर पर महिलाओं से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद गंभीर दिखाई दे रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर इस कैम्पेन के तहत अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने गुरुवार को अभिनेता नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, फिल्म डायरेक्टर राकेश सारंग और प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था।

ज्ञात हो कि प्रिया रमानी और प्रेरणा सिंह बिंद्रा नाम की दो महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रिया रमानी का कहना है कि एमजे अकबर ने होटल के एक कमरे में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें की हैं।

वहीं, प्रेरणा सिंह बिंद्रा नाम की महिला पत्रकार का कहना है कि उनके साथ हुई घटना 17 साल पुरानी है। अकबर उनसे अश्लील टिप्पणियां किया करते थे और उनका जीना मुश्किल कर दिया था। वह इतने सालों तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उनके पास सबूत नहीं थे।

हालांकि एमजे अकबर पर लगे इन आरोपों के बाद अब भाजपा सांसद उदित राज उनके बचाव में उतर गए हैं। उन्होंने महिला पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह 10 साल बाद सामने क्यों आई है? उदितराज ने ‘मी टू’ अभियान को गलत प्रथा की शुरुआत बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी देरी की है तो आरोपों की सत्यता की जांच कैसे होगी?

लेकिन जबकि वहीं कांग्रेस ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को यौन उत्पीड़न के आरोपों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना चाहिए या तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि एमजे अकबर के आचरण की जांच होनी चाहिए। जब उनके साथ काम कर चुकी महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है तो फिर वह मंत्री पद पर कैसे बने रह सकते हैं।

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