Thursday , August 6 2026
Breaking News

मंदिर मुद्दे पर सियासत फिर गरमाने लगी, बात 1992 जैसे आंदोलन तक आने लगी

Share this

नई दिल्ली। देश में राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर तेजी से गरमाता जा रहा है। रोज ही इसको लेकर किसी न किसी का बड़ा और अहम बयान आ रहा है। इसी क्रम में मुंबई में तीन दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मंथन के समापन के बाद संघ के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिक्रिया दी।

गौरतलब है कि उन्होंने कहा कि लोगों का लंबा इंतजार अब खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी की इच्छा है कि राम मंदिर बने। न्यायालय में विश्वास दिखाते हुए उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमें अदालत से न्याय मिलेगा। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच हुई बैठक की पुष्टि की।

इतना ही नही बल्कि जोशी ने आगे कहा कि अदालत इसे प्राथमिकता देगी और हर हाल में मंदिर बनेगा। बेशक अभी या बाद में। उन्होंने सरकार से इस मामले पर अध्यादेश लाने के लिए कहा क्योंकि अदालत के फैसले में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोर्ट को हिंदू भावनाओं का ख्याल रखते हुए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब देर न करें।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं अदालत से निवेदन करुंगा कि वह अपने आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इस पर जल्दी सुनवाई करें। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय द्वारा यह कहना कि हमारी प्राथमिकताएं अलग है। इससे हिंदू समाज अपमानित महसूस कर रहा है। जोशी ने कहा, ‘राम सभी के हृदय में रहते हैं पर वो प्रकट होते हैं मंदिरों के द्वारा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मंदिर बने। काम में कुछ बाधाएं अवश्य हैं और हम अपेक्षा कर रहे हैं कि न्यायालय हिंदू भावनाओं को समझ कर निर्णय देगा।’ मामले की सुनवाई अगले साल तक के लिए टलने के सवाल पर जवाब देते हुए संघ के सरकार्यवाह ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दिवाली तक फैसला आ जाएगा। इसके साथ ही 2018 की दिवाली से मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा अदालती कार्यवाही में हो रही देरी की वजह से आरएसएस और वीएचपी ने केंद्र सरकार से मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने या कानून बनाने की मांग की है। इसपर भैय्याजी ने कहा कि यह सरकार का अधिकार है। यदि वह चाहें तो मंदिर निर्माण पर अध्यादेश लाकर लोगों की सालों की इच्छा को पूरा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल सरकार को इस पर फैसला लेना होगा। फिलहाल फैसला सरकार के पास सुरक्षित है। जब उनसे पूछा गया कि जिस तरह से 1992 में इस मुद्दे पर आंदोलन किया गया था क्या उसी तरीके से आंदोलन किया जाएगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘आवश्यकता पड़ी तो करेंगे।’

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »