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एक तरफ लोकसभा चुनावों का नजदीक आना, वहीं अब कुशवाहा के बाद पासवान का भाव खाना

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नई दिल्ली। दुनिया का दस्तूर है कि आप जैसे ही जरा कमजोर नजर आये तो आपके आगे तमाम सिर उठाने वाले खड़े हो जाते हैं और तमाम छोटे भी आपके आगे अपने आप में बड़े हो हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ फिलवक्त भाजपा के साथ हो रहा है क्योंकि मौजूदा हालातों को देख राजग में शामिल कुछ एक घटक दल अब भाजपा को भाव दिखाने में लग गए हैं। हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बाद अब  रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का भी मोह भंग होता नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि रामविलास पासवान  बेटे चिराग पासवान पहले ही टिकटों के बंटवारे पर अपनी बात कह चुके हें वहीं अब राम विलास पासवान के भाई पशुपति पारस ने भाजपा को 31 दिसंबर तक सीटों पर फैसला करने का अल्टीमेटम दिया।  दरअसल हाल ही में  सीट बंटवारे में हो रही देरी को लेकर  लोजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड अध्यक्ष और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट करके सहयोगी दलों के प्रति भाजपा के रूख पर चिंता जाहिर की।  चिराग ने लिखा कि गठबंधन की सीटों को लेकर भाजपा नेताओं से कई बार बातचीत हुई मगर कोई ठोस हल नहीं निकला।

इसके साथ ही जहां  पार्टी की ओर से भी चिराग की इस चिंता को उचित बताते हुए समय पर सीट बंटवारे की बात कही गई। वहीं अब रामविलास पासवान के भाई और लोजपा के कोटे से बिहार सरकार में पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति पारस ने भाजपा को 31 दिसंबर तक सीटों पर फैसला करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एनडीए के सभी नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए। लोजपा ने झारखंड और उत्तरप्रदेश में भी सीटों की मांग की है।

ज्ञात हो कि हाल ही में एनडीए से अगल हुए रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने लोजपा को एनडीए का दामन छोड़ने की सलाह दी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बीजेपी और नीतीश कुमार के व्यवहार की वजह से मैंने एनडीए छोड़ा था। उन्होंने कहा कि अन्य दल भी इस चीज का सामना कर रहे हैं। उम्मीद है कि लोक जनशक्ति पार्टी भी जल्द एनडीए से अलग हो जाए। क्योंकि अब उनकी (बीजेपी) की मंशा छोटी पार्टियों को नष्ट करने की है।  जबकि  जनता दल (यू) ने इस पूरे मसले पर कहा है कि एनडीए में सब कुछ सही है और बैठक करके पासवान की समस्याओं को हल किया जाएगा।

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