Monday , May 23 2022
Breaking News

नरेश अग्रवाल का एक और विवादित बयान

Share this

लखनऊ। पिछले काफी अरसे से अपने तमाम विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहने के आदी हो चुके समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक निजी होटल में शनिवार को आयोजित अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सम्मेलन में बखेड़ा खड़ा हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य अतिथि सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने पीएम मोदी के लिए जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें वैश्य समाज का हिस्सा मानने से ही इंकार कर दिया।

वैश्य समाज के कार्यक्रम के दौरान पीएम की जाति पर नरेश की टिप्पणी करने के बाद विरोध शुरू हो गया. लोगों के आक्रोश न थमते देख नरेश अग्रवाल मीडियाकर्मियों पर भी भड़क गए और उन्हें बाहर निकलने के लिए आयोजकों पर दबाव बनाया। उनके विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी. आखिर वह मंच से उतर गए. मीडिया के सामने भाजपा सरकार पर बरसे। काफी देर चले हंगामे के बाद किसी तरह स्थिति पर काबू पाया गया. फिलहाल वहां मौजूद कार्यकर्ता नरेश अग्रवाल का विरोध करते नजर आए और उनके बयान पर विरोध होता रहा।

गौरतलब है कि पिछले काफी वक्त से इनके विवादित बयानों की एक लंबी फेहरिस्त है जो दिन ब दिन लंबी होती जा रही है। जिसके तहत जहां ये न सिर्फ हिंदु देवी देवताओं पर विवादित बयान दे चुके हैं बल्कि अपनी पाक परस्ती दिखाते हुए कुलभूषण जाधव मामले पर विवादित बयान देते हुए देश की फौज पर भी ओछी टिप्पणी कर चुके हैं। इतना ही नही यूपी के निकाय चुनाव से पूर्व अपने को कार्यकर्ताओं का भगवान बताने के साथ ही तीन तलाक मामले में मुस्लिम महिलाओ के खिलाफ भी बेहद शर्मनाक बयान दे चुके हैं। वहीं गुजरात चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी को लेकर भी सुहागरात जैसा अपना बयान देकर अच्छा खासा विवाद पैदा कर चुके हैं।

वहीं इस बाबत इनकी कुडली की खासी जानकारी रखने वालों की मानें तो उनके अनुसार जिसकी सियासी पैदाइश ही काफी दिलचस्प और विवादित रही हो उससे और क्या अपेक्षा की जा सकती है। वहीं यूपी भाजपा प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा नरेश अग्रवाल को उनकी पार्टी खुद ही सीरियस नहीं लेती, इसलिए छटपटाहट में बेचारे की बुद्धि काम नहीं कर रही। सपा का पुराना कल्चर यही है. अखिलेश यादव चाहे जितना साफ बनने की कोशिश करें, उनके नेता उनकी पार्टी का असली चेहरा दिखा देते हैं। ये असभ्य थे असभ्य ही रहेंगे। पीएम मोदी देश का गौरव हैं. सपा जाति की राजनीति से ऊपर सोच नहीं पाती।

 

Share this
Translate »