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यूपी में हाल-फिलहाल, लॉकडाउन और नाईट कर्फ्यू का नही ख्यालः स्वास्थ मंत्री

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लखनऊ। देश में जिस तरह से कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है उसे देखते हुए हर किसी के जहन में बस एक ये ही सवाल कौंध रहा है कि क्या मार्च के महीने में फिर से एक बार लॉकडाउन का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि महाराष्ट्र में कुछ शहरों में ऐसा होता नजर आ रहा है तो उसको देख हर कोई घबरा रहा है ऐसे में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ मंत्री ने इस मामले में बेहद अहम बयान देकर काफी हद तक जनता को न सिर्फ आश्वस्त करने की कोशिश की है बल्कि साथ ही जनता से सर्तकता और सावधानी बरतने की अपील भी की है ताकि हालात काबू में ही रहें।

गौरतलब है कि  देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या के लगातार बढ़ने को लेकर प्रदेश की योगी सरकार सजग हो गई है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। हमारा ध्यान टारगेट टेस्टिंग पर है। होली में बाहर से आने वालों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना संक्रमण को लेकर बुधवार को बैठक करेंगे। संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र द्वारा जारी किए गए निर्देशों का प्रदेश में पालन करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण में पुन: तेजी से वृद्धि हो रही है। उत्तर प्रदेश में भी कुछ जिलों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जिलों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं। होली के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर यात्रियों की रैंडम व प्रारंभिक जांच होगी। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि यूपी में अभी लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू पर विचार नहीं किया जा रहा है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी में फिर से माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का फैसला लिया गया है। एक मरीज मिलने पर भी माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। इसमें पहले की तरह व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज मिलने पर उसके ढाई सौ मीटर की दायरे को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। इसमें आने वालों की स्क्रीनिंग के साथ जांच भी होगी। इलाके में मास्क न लगाने वालों का चालान भी किया जाएगा।

सीएमओ डॉ. संजय भटनागर के मुताबिक, इस क्षेत्र में सैंपलिंग भी बढ़ाई जाएगी। कोरोना के मामले कम होने पर राजधानी में कोविड प्रोटोकॉल को लेकर लापरवाही बरती जाने लगी। बीते साल कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह पुलिस तैनात किए जाने का दावा किया गया। कागजों में पूरी रूपरेखा तैयार करने के बाद भी अफसरों ने इसे लागू नहीं किया गया। अफसरों का कहना है कि कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह सख्ती होगी।

लखनऊ में संक्रमित राज्यों से यात्रियों के आने संग ही कोरोना का ग्राफ भी बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार को 35 नए मामले सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। अफसर कोरोना कंटोल किए जाने को लेकर जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। सीएमओ प्रवक्ता योगेश ने बताया कि कोरोना वॉयरस की जद में आए लोगों के सर्विलांस एवं कांट्रेक्ट ट्रेसिंग जरिए 4982 लोगों के नमूने लेकर जांच को भेजे गए हैं। रायबरेली रोड 3, इंदिरा नगर 8, गोमतीनगर 5, सआदतगंज 2, सुशांत गोल्फ सिटी 3, अलीगंज 2, आशियाना समेत अन्य जगह पर मरीज मिले हैं। सात रोगियों को अस्पताल आवंटित किया गया। इसमें तीन रोगियों को अस्पताल में एंबुलेंस जरिए भर्ती कराया गया। जबकि बाकी होम आइसोलेशन में चले गए।

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