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चीन ने अमेरिका को धमकाया, कहा- युद्ध हुआ मिलेगी करारी शिकस्त

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चीन अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ती तल्खियों के बीच चीन ने अमेरिका (यूएसए) को खुले आम युद्ध की धमकी दे डाली है. ड्रैगन ने अपने मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के हवाले से अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ तो अमेरिका को हार मिलेगी. ग्लोबल टाइम्स को चीन की सत्तारूढ कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माना जाता है. इसमें प्रकाशित बातों को सरकार के बयान के तौर पर देखा जाता है.

ग्लोबल टाइम्स में छपा ये संपादकीय लेख ऑस्ट्रेलिया, जापान फ्रांस के सैन्य अभ्यास में अमेरिका के भी शामिल होने के बाद आया है. इस लेख में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि दक्षिण चीन सागर को लेकर दोनों देशों में अगर युद्ध छिड़ा तो उसमें अमेरिका को करारी शिकस्त मिलेगी. वहीं अमेरिका के विशेषज्ञ एलेक्स मिहाइलोविच ने ग्लोबल टाइम्स के इस संपादकीय पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये संपादकीय चीन की बेचैनी का सबूत है. चीन अमेरिका की बढ़ती ताकत को देखते हुए क्षेत्र में अमेरिका की लगातार सक्रियता इस बड़े सैन्य अभ्यास से बौखला गया है. वहीं ब्रिटेन के पूर्व सांसद जॉर्ज गैलोवे ने इस लेख पर अपनी राय देते हुए कहा है कि अमेरिका की क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता से चीन अपनी सैन्य तैयारी तेज करेगा दोनों देशों में टकराव की आशंका बढ़ेगी.

एक ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट ने इस सप्ताह की शुरुआत में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का एक वीडियो साझा किया है. इस वीडियो में चीन अपने मरीन कमांडो की ट्रेनिंग देता हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो में दिखाया गया है कि चीनी सैनिक एक द्वीप पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो को देखकर ये आंकलन लगाया जा रहा है कि ड्रैगन ताइवान को डराने की कोशिश कर रहा है. इसके अलावा ड्रैगन ने इस वीडियो के जरिए दुनिया को ये संदेश भी दिया है कि वो अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है. इससे पहले गुरुवार को चीन ने कहा था कि दक्षिणी जापान में हो रहे इस सैन्य अभ्यास से उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता.

चीन पूरे दक्षिण सागर को अपनी संपत्ति बताता है. चीन के मुताबिक यह सैन्य अभ्यास सिर्फ तेल ईंधन की बर्बादी है. चीन ने दक्षिण सागर पर फिलीपींस, मलेशिया, ताइवान, ब्रूनेई, वियतनाम के दावों को एक सिरे से खारिज करता है. चीन ताइवान की संप्रभुता को नकारते हुए उसे अपना हिस्सा बताता है. जापान के हिस्से के समुद्र को भी पूर्वी चीन सागर बताते हुए चीन उस पर अपना अधिकार जताता है जब-तब वहां पर अपने जंगी जहाज भेजता रहता है, उसके लड़ाकू विमान भी आए दिन आसमान में उस क्षेत्र में दिखाई देते रहते हैं.

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