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सेमीफाइनल में भारतीय हॉकी टीम बेल्जियम से हारी, अब टीम से कांस्य पदक की उम्मीद

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टोक्यो. एलेक्सजेंडर हेंडरिक्सकी शानदार हैट्रिक के दम पर मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन बेल्जियम ने मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक में खेले गए पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को 5-2 से हरा दिया. ओई हॉकी स्टेडियम नॉर्थ पिच पर खेले गए इस मैच में एक समय भारत 2-1 से आगे था लेकिन इसके बाद वह बुरी तरह पिछड़ता चला गया और अंतत: 1980 के बाद पहला फाइनल खेलने से चूक गया.

अब भारत को कांस्य के लिए प्रयास करना होगा. भारत का यह मैच किससे होगा, इसका फैसला जर्मनी और आस्ट्रेलिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के बाद हो जाएगा. मैच का पहला गोल बेल्जियम की ओर से हुआ. यह गोल लोइक फेनी लुपर्ट ने दूसरे मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर किया. मैच शुरु होने के साथ ही भारत पीछे हो चुका था. भारतीय टीम दबाव में थी. लेकिन इस दबाव से निकलकर सातवें मिनट में गोल कर हरमनप्रीत सिंह ने मैच में रोमांच ला लिया. हरमनप्रीत ने यह गोल पेनाल्टी कार्नर पर किया. अब स्कोर 1-1 हो चुका था.

इसके बाद कप्तान मंदीप सिंह खुद मोर्चा संभाला और नौवें मिनट में एक बेहतरीन फील्ड गोल के जरिए भात को 2-1 से आगे कर दिया. पहले ही क्वार्टर में पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने बराबरी के लिए हमला तेज कर दिया. इस क्रम में उसे 19वें मिनट में सफलता मिली. एलेक्सजेंडर रॉबी हेंडरिक ने पेनाल्टी कार्नर पर गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया.

तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ. चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने अचानक ही रफ्तार पकड़ी और 49वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर हेंडरिक्स ने गोल कर 3-2 की लीड दिला दी. तीसरे क्वार्टर और चौथे क्वार्टर की शुरुआत तक बेल्जियम ने 7 पेनाल्टी कार्नर हासिल किए.

अंतिम समय में भारत की रक्षापंक्ति में सेंध लग चुकी थी. बेल्जियम को लगातार पेनाल्टी कार्नर मिल रहे थे. इसी क्रम में उसने 53वें मिनट में पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया, जिस पर गोल कर हेंडरिक्स ने अपनी टीम को 4-2 से आगे कर उसकी जीत पक्की कर दी.

बेल्जियम की टीम इसके बाद भी नहीं रुकी और अंतिम मिनट में एक और गोल करते हुए 5-2 की लीड ले ली. बेल्जियम के लिए यह गोल डोमिनिक डॉहमैन ने 60वें मिनट में किया.

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