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काबुल ने शांति बहाल करने के लिए तालिबान के सामने रखा सत्ता साझा करने का प्रस्ताव

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काबुल. अफगान सरकार के मध्यस्थों ने दोहा में हुई शांति वार्ता के दौरान तालिबान के समक्ष सत्ता साझा करने का प्रस्ताव रखा है. न्यूज एजेंसी एएफपी पर छपी खबर के मुताबिक देश में हिंसा रोकने के लिए सरकार ने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर को प्रस्ताव दिया है. जिसके अनुसार देश में शांति बहाल करने के एवज में तालिबान को सत्ता साझा करने का प्रस्ताव दिया गया है. तालिबान जिसने पिछले कुछ दिनों में देश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है, उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

पिछले एक हफ्ते में तालिबान ने देश के 10 प्रांतों की राजधानी पर कब्जा जमा लिया है. इसमें सबसे हाल ही में गजनी पर कब्जा किया गया जो काबुल के दक्षिण-पश्चिम से महज़ 130 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है. गजनी पर कब्जा करने से अफगान की राजधानी का एक अहम हाइवे से संपर्क टूट गया है. ये अफगान की राजधानी के दक्षिणप्रांत को जोड़ता है. हालांकि काबुल पर अभी तक प्रत्यक्ष रूप से कोई खतरा नहीं है, लेकिन गजनी पर कब्जे के साथ तालिबान का देश के दो तिहाई हिस्से पर कब्जा हो गया है. और हजारो लोग अपने घरों कों छोड़ कर भाग रहे हैं.

अमेरिकी गुप्तचर संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान अगले 30 दिनों में काबुल को अलग थलग कर सकता है और 90 दिनों के भीतर पूरे देश पर कब्जा कर लेगा. अफगान बलों के बुरी तरह पतन के बाद ये सवाल खड़ा हो रहा है कि अमेरिकी सुरक्षा विभाग ने जो युद्ध, सेना प्रशिक्षण और पुननिर्माण में जो 830 बिलियन डॉलर खर्च किए वो कहां गए.

अहम बात ये है कि तालिबान लड़ाके अमेरिकी हमवी और पिकअप ट्रक की सवारी कर रहे हैं और अपने कंधों पर एम-16 टांगे घूम रहे हैं. कई युद्ध मोर्चो से सरकार के विशेष अभियान दलों को वापस लाना पड़ा, वहीं नियमित सैनिक अक्सर युद्ध मैदान से भाग गए. और इसका नतीजा ये निकला की हज़ारों नागरिक राजधानी में सुरक्षा की तलाश करते रहे.

अफगानिस्तान के लिए अमेरिकी दूत जालमय खलीलजाद चीन, पाकिस्तान और रूस के राजनयिकों के साथ मिलकर एक संयुक्त बनाया जाएगा जो ये सुनिश्चित करेगा कि अगर तालिबान अपना उग्र रवैया बरकरार रखता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खारिज किया जाएगा. खलीलजाद की अफगान सरकार और तालिबानी अधिकारियों से मिलने की योजना भी बना रहे हैं क्योंकि ये लड़ाई अंतहीन चली जा रही है. भारत ने भी अफगानिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को कमर्शियल फ्लाइट चलना बंद हो इससे पहले देश छोड़ने को कहा है.

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