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SDM को उठाने पड़े इंवेस्टर्स समिट में जूठे बर्तन गड़बडि़यां उजागर

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मेगा इवेंट इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के लिए की गई व्यवस्थाओं में उजागर गड़बड़ियों से शासन में हड़कंप मच गया है। लखनऊ के डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कार्यदायी संस्था विज क्राफ्ट ने प्रधानमंत्री के लिए बनाए गए अस्थाई कार्यालय में पानी की बोतले रखने के अलावा और कोई व्यवस्था नहीं की। यही नहीं उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए प्रोटोकाल के मुताबिक ग्रीन हाउस भी तैयार नहीं कराया। अव्यवस्था का आलम यह था कि एसडीएम और एडीएम को प्रधानमंत्री के अस्थाई कार्यालय में जूठे बर्तन खुद उठाने पड़े।

डीएम कौशल राज शर्मा ने औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि विज क्राफ्ट के लापरवाही भरे कार्य से यूपी के आतिथ्य की अच्छी छवि पर गंभीर असर पड़ा है। यदि भविष्य में इस प्रकार की संस्थाएं ऐसे ही कार्य करती रहीं तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।  रिपोर्ट में कहा गया है कि इस एजेंसी की व्यवस्थाओं में बहुत कमियां थीं। इसके प्रतिनिधि कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। उनका व्यवहार सहयोगात्मक नहीं था। अनुरोध करने पर कहते थे कि इस विषय पर उच्चतम स्तर पर बात हो चुकी है। डीएम कौशल राज शर्मा ने लिखा है कि अगर जिला प्रशासन अपने स्तर पर समुचित व्यवस्थाएं न कराता तो निश्चित ही बहुत आपत्तिजनक स्थिति होती। देश के सर्वोच्च जन प्रतिनिधियों की सुरक्षा व सम्मान के मद्देनजर एजेंसी द्वारा अत्यंत लापरवाही पूर्वक अनुत्तरदायित्वपूर्ण काम  किया गया।

जांच शुरू , 7 मार्च को बैठक 
औद्योगिक विकास आयुक्त ने भौतिक सत्यापन कमेटी की बैठक 7 मार्च को बुलाई है। इसमें फिक्की, ईएंडवाई, सीआईआई व विज क्राफ्ट को अपने-अपने खर्चों के हिसाब के साथ आना होगा। बैठक में कमेटी डीएम की रिपोर्ट पर आख्या देगी। यही नहीं अन्य संस्थाएं ईएंडवाई, सीआईआई व फिक्की को उक्त आयोजन के लिए विज क्राफ्ट द्वारा क्या क्या सुविधाएं दी गईं व व्यवस्था के अभाव में दूसरी एजेंसियों ने स्वयं के व्यय से कितना काम किया। इसकी रिपोर्ट भी कमेटी को देनी है।

यह हैं रिपोर्ट की खास बातें
-विज क्राफ्ट द्वारा अस्थाई प्रधानमंत्री कार्यालय में हाउस कीपिंग व जलपान लाने के लिए स्टाफ की तैनाती नहीं की। एसडीएम व एडीएम को दूसरी जगह बनी पेंट्री से चाय नाश्ता उठा कर पीएम कार्यालय तक लाना पड़ा। उसे सर्व करने के बाद मेज से अपने हाथ से जूठे बर्तन हटाने पड़े।

– प्रधानमंत्री कार्यालय के पास इस एजेंसी  ने एक शौचालय वैन लगाई लेकिन कार्यक्रम के बीच में ही इसमें पानी खत्म हो गया। इस कारण अतिथियों को असुविधा हुई। इस शौचालय का उपयोग पीएम कार्यालय के अधिकारियों, राज्यपाल व उपमुख्यमंत्री व मंत्रियों द्वारा किया गया। वैन में तौलिया तक नहीं थी।

– प्रधानमंत्री के लिए बने विशेष काटेज में साबुन, हैंडवाश व तौलिया की व्यवस्था जिला प्रशासन को ऐन मौके पर करवानी पड़ी।

– मुख्य प्रदर्शनी पंडाल व उसके बाहर भी  पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण निवेशकों व डेलीगेटस को काफी असुविधा हुई।

– प्रवेश द्वार पर मैटिंग समय से नहीं लगाई गई।

– कार्यक्रम स्थल पर बने पंडाल में सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य 20 फरवरी तक ही पूरा हो पाया जो सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी नहीं रहा। यह कैमरे समय से लगने चाहिए थे।

डीएम ने की संस्तुति 
-अब शासन से संस्तुति की गई है कि वह उस एजेंसी के भुगतान पर तत्काल रोक लगाये और जांच के बाद इसके भुगतान राशि में कटौती करें।

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