Tuesday , November 30 2021
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इको टूरिज्म पर जारी हमारे प्रयास, विकास के लिए साबित होंगे खास: चौहान

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प्रदेश की योगी सरकार के एक साल के कार्यकाल के दौरान प्रत्येक क्षेत्र में विकास का काम बड़ी ही तेजी से जारी हैं इसी क्रम में वन विभाग में भी हमने तमाम बड़े और अहम कदम उठायें हैं जिसके चलते आज जहां वनों की अवैध कटान पर रोक लगी वहीं पूर्ववर्ती सरकारों में सक्रिय लकड़ी तस्कर अब बिलकुल ठंडे पड़ चुके हैं। तथा इनकी वजह से काफी हद तक बुरी तरह से प्रभावित हो चुके पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण पर भी नियंत्रण के लिए तेजी से काम जारी है जल्द ही उसके सकारात्मक परिणाम सभी को नजर आयेगें। इसके साथ ही इको टूरिज्म पर भी बड़ी ही तेजी से बखूबी काम जारी है जिसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं ये बातें प्रदेश की योगी सरकार में वन मंत्रालय की जिम्मेदारी सम्हाल रहे कबीना मंत्री दारा सिंह चौहान ने औपचारिक बातचीत के दौरान दिशा टाइम्स समाचार पत्र तथा दिशा न्यूज इण्डिया.काम की संपादक सुनीता गुप्ता से कहीं। प्रस्तुत हैं आप सभी के समक्ष इस बातचीत के प्रमुख अंश।

गौरतलब है कि दारा सिंह चौहान तकरीबन दो दशकों से अधिक समय से देश और प्रदेश की राजनीती में बखूबी सक्रिय हैं इतना ही नही इस दौरान आप कितने ही अहम विभागों की कमेटी के सदस्य एवं अध्यक्ष रहे साथ ही तमाम अन्य बड़े पदों पर भी बने रहे जिसके चलते काफी अनुभवी शख्सियत माने जाते हैं संभवतः इसी काबिलीयत के चलते प्रदेश सरकार में जहां आपको न सिर्फ कबीना मंत्री का दर्जा दिया गया बल्कि वन जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय भी सौंपा गया।

उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी बेहद उत्साहित हैं इसी के चलते उन्होंने दुनिया की जानी मानी हस्ती और गोरखपुर के रहने वाले वॉइल्ड लाइफ के जानकार एवं ऑस्कर पुरस्कार विजेता माइक पाण्डेय को प्रदेश में इको टूरिज्म का ब्रांड एम्बेसडर बनाया है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के बताये गये इको टूरिज्म पर पूर्णतः ध्यान केन्द्रित कर तेजी से काम जारी है क्योंकि उ0प्र0 देश का सबसे बड़ा सूबा है और यहां इसके लिए अपार संभावनाऐं भी हैं।  इसी के चलते विगत 9-10 एवं 11 फरवरी 2018 को प्रदेश भर में अंतर्राष्ट्रीय पक्षी उत्सव अर्थात इनटरनेशनल बर्ड फस्टिवल आयेजित किया गया जिसमें स्वंय योगी समेत देश भर के तमाम पक्षी प्रेमी शामिल हुए और उन सबने इसे काफी पसंद किया और सराहना भी की। वन विभाग का जहां एक बड़ा हिस्सा है जैसे कि दुधवा यहां पर गैंडों की बड़ी संख्या है और इको टूरिज्म के लिहाज से भी बेहतर है  वहीं इसके साथ ही हमने कर्तनिया, पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत चूका को इको टूरिज्म के लिए बेहतर पाया है। वहां काफी अच्छा वातावरण होने के चलते लोगों को पसन्द आ रहा है।

वहीं जंगली जानवरों के जब तब मानव बस्तियों में आने से होने वाली घटनाओं तथा समस्याओं के बाबत उन्होंने कहा कि विशेषकर ऐसी घटनाऐं पीलीभीत में ज्यादा हो रही हैं उसके पीछे एक वजह हैं क्यों कि उक्त टाइगर रिजर्व घोड़े की नाल की आकार का यू शेप में बना हुआ है जिसकी चौड़ाई मात्र 3-4 किमी0 की है जबकि एक बाघ को विचरण के लिए कम से कम 12 से 14 किमी0 का क्षेत्र चाहिए होता है।

वहीं ग्रासलैण्ड क्षेत्र जिससे बाघ के शिकार चारा प्राप्त करते हैं उसको पूर्व की सरकारों ने विकसित ही नही किया। तो ऐसे में अक्सर हिरन, चीतल, सांभर आदि आदि जानवर वन क्षेत्र से बाहर निकल आते हैं और इन्ही के पीछे पीछे बाघ भी अक्सर मानव बस्तियों तक पहुच जाता है।

फिर भी हम इस पर गंभीरता पूर्वक प्रयास कर रहे हैं तथा इस पर जल्द ही हम सेमिनार आयेजित कराने के साथ वॉइल्ड लाइफ पर एक फिल्म भी बनायी जायेगी जिसके द्वारा लोगों को भी जागरूक किया जायेगा। वहीं दुधवा में जो ट्रेन चलती थी उसको हटाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी द्वारा स्वंय रेलवे से बात जारी है।

इसके अलावा चौहान ने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार द्वारा बड़ी ही तेजी और गंभीरता से विकास के काम जारी हैं वहीं हमारे वन विभाग द्वारा भी काफी अहम और लाभदायक कदम उठायें गये हैं जिसके तहत हमने सबसे पहले पूर्ववर्ती सरकारों में धड़ल्ले से जारी पेड़ों और वनों की अवैध कटान पर सख़्ती कर उसे खत्म कर दिया जिससे जितने भी लकड़ी तस्कर थे वो सभी अब पूरी तरह से ठण्डे पड़ चुके हैं।

साथ ही उन्होने कहा कि खासकर जब उत्तरांचल उत्तर प्रदेश से अलग हुआ तो प्रदेश का वन आच्छादित क्षेत्र स्वतः कम हो गया वहीं इसके अलावा पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा खुली छूट के चलते हजारो हेक्टेअर वन भूमि भू-माफियाओं तथा भू-वन माफियाओं के कब्जे में थी जिस पर हमने सख्ती से कारवाई कर अभी तक तकरीबन 2000 हेक्टेअर वन भूमि को उनके कब्जे से मुक्त कराया है।

जबकि हाल ही में राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में हाल ही में मानव बस्ती में घुसे तेंदुऐ को आनन फानन में पुलिस द्वारा गोली मारकर मौत के घाट उतारे जाने पर वन मंत्री ने कहा कि वन विभाग के तमाम अफसर उस पर जांच कर रहे हैं और साथ ही सरकार को भी इस बाबत लिखा गया है इसलिए दोषी जो भी होगें उन्हें बख़्शा नही जायेगा। वहीं तेंदुऐ को मारे जाने पर इनाम की घोषणा पर उन्होंने कहा कि दरअसल अधिकांश लोागों को वॉइल्ड लाइफ एक्ट की जानकारी ही नही है। जिसके चलते ऐसा हुआ था लेकिन बाद में इस घोषणा को वापस ले लिया गया था।

साथ ही वन विभाग को सरकार द्वारा दिये गये बजट पर उन्होंने कहा कि क्योंकि जब मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की कमान सम्हाली उस वक्त प्रदेश का ख्जाना खाली था और फिर किसानों पर कर्जे की मार थी जिसके चलते लगभग सभी विभागों को अहम जरूरतों के हिसाब से बजट प्रदान किया गया हैं। इसलिए बजट की ऐसी कोई बड़ी दिक्कत नही है।

उपचुनावों मे खासकर गोरखपुर की हार पर कुछ भी कहने से बचते हुए उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि इस पर हमारी पार्टी के सरकार के प्रवक्ता तथा लगभग सभी बड़े बड़े नेता अपनी बात कह चुके हैं इसनिलए अब मेरे कुछ कहने का औचित्य नही बनता। वहीं सपा-बसपा के गठबंधन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सब समय के महत्व पर निर्भर है इस लिए इस पर कुछ भी कहना संभाव नही।

अंत में वन मंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नवजवान तथा आम जनता आगे आऐ। जिससे वन मैन वन ट्री का नारा सच हो जाऐ। और हम सभी तथा आने वाली पीढ़ी स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण पाऐ।

 

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