Friday , August 7 2026
Breaking News

क्वॉलिटी के नाम पर जारी खेल, जांच में 21 ब्रांड के सैंपल हुए फेल

Share this

नई दिल्ली। दूध से लेकर तमाम तरह के हमारे रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों को लेकर मौजूदा वक्त में कई कंपनियां बाजार में हैं और उनके द्वारा गुणवत्ता के दावे भी बढ़ चढ़ कर किये जाते हैं लेकिन अगर हाल में आई कुछ रिपोर्टों पर गौर करें तो वो इनके दावों कीे हकीकत बखूबी सामने लाते हैं। दरअसल दूध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें अमूल और मदर डेरी जैसे प्रसिद्ध दूध, घी और शहद के ब्रांड को गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं पाया गया हैं।

गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में ही पिछले महीने दूध,घी और शहद की गुणवत्ता को लेकर विभिन्न ब्रांडस् 165 सैंपल में से 21 ब्रांड परीक्षण में फेल हो गए हैं। जिसमें अमूल, डाबर मदर डेयरी जैसे देश के प्रसिद्ध ब्रांड शामिल हैं।  इस बात की जानकारी खुद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि कई दूध के सैपलों में पानी और दूध पाउडर की मिलावट पाई गई हैं।

इतना ही नही बल्कि स्वास्थ्य मंत्री ने ये भी बताया कि दूध की जांच में कोई भी सैंपल इस्तेमाल के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया। जिसे लेकर दिल्ली सरकार ने आरोपी ब्रांडस् पर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया हैं।

ज्ञात हो कि दिल्ली में काफी समय से दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता और मिलावट की शिकायतें मिल रही थी। जिसे लेकर दिल्ली सरकार ने विभिन्न ब्रांडस् के सैंपल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों जिसमें दूध, घी और शहद शामिल हैं के 165 नमूनें इकट्ठे कर जांच के लिए भेजे थे।

हालांकि इस बाबत दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैने ने बताया कि दूध में मिलावट को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने 13 से 28 अप्रैल के बीच दूध के नमूनों की जांच के आदेश दिए थे। जिसमें पाया गया कि 21 नमूनों की गुणवत्ता इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं।  जांच में सबसे हैरान करने वाले सैंपल अमूल और मदर डेयरी के थे जो जांच में फेल हो गए।

बेहद अहम और गौर करने की बात है कि खाद्द पदाथों के गुणवत्ता में फेल होने पर दोषियों पर 5000 से लेकर पांच लाख रुपये तक के जुर्माना लगाने का प्रावधान हैं। इसके साथ ही आरोपी को 6 महीने से तीन साल की सजा भी हो सकती हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »