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शिव सेना को मनाने की कोशिशें काम न आईं, BJP के दिग्गज रणनीतिकार ने मुंह की खाई

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डेस्क्। अमित शाह द्वारा बड़ी हसरतों से की गई शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात बेनतीजा साबित होना भाजपा और उसके रणनीतिकारों के लिए एक बड़ा झटका ही कहा जा सकता है क्योंकि महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं और 2014 के लोकसभा चुनाव में शिव सेना और भाजपा गठबंधन ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए 42 सीटों पर जीत हासिल की थी।

गौरतलब है जैसा कि कल BJP अध्यक्ष अमित शाह और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच हुई मुलाकात के बाद आज शिवसेना ने बयान जारी किया है। उसके लिहाज से शिव सेना सांसद और प्रवक्ता  ने बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी।

इतना ही नही संजय राउत ने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि हम पहले से अमित शाह के अजेंडे से अवगत है। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि हम पहले ही पार्टी मीटिंग में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर प्रस्ताव पास कर चुके है। जिसमें इस बात का पहले ही निर्णय लिया जा चुका है कि पार्टी 2019 में सभी सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी।  ने साफ किया कि पार्टी के इस फैसले में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।

ज्ञात हो कि कल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने संपर्क फॉर समर्थन के तहत शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके मुबई स्थित घर में उनसे मुलाकत की थी। बंद कमरे में अमित शाह और उद्धव के बीच करीब डेढ़ घंटे से भी अधिक मुलाकात हुई।

एक तरफ जहां भाजपा के दुश्मन एक साथ आते जा रहे हैं वहीं समस्या ये है कि उसके दोस्त उससे दूरी बनाते जा रहे हैं। हालांकि अगर गौर करें तो साल 2014 में शिवसेना-बीजेपी गटबंधन ने 48 लोकसभा वाली महराष्ट्र में 42 सीटों पर विजय हासिल की थी।

ऐसे में बीजेपी कभी नहीं चाहेगी कि उनका पुराना साथी उनका साथ छोड़ दे और उन्हें आगामी लोकसभा चुनावों में नुकसान उठाना पड़े। वहीं तेदेपा के चंद्र बाबू नायडू भी भाजपा का साथ छोड़ चुके हैं। इसका भी खासा असर आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।

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