Monday , May 23 2022
Breaking News

अब फाइलें LG के पास नहीं भेजेंगे, ट्रांसफर पोस्टिंग हम करेंगेः सिसोदिया

Share this
राजधानी दिल्ली में उपराज्यपाल और सरकार के बीच चल रही जंग पर उच्चतम न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राज्य में उपराज्यपाल को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. फैसले में अधिकतर बातें केजरीवाल सरकार के हक में गई हैं, लेकिन कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, अब सरकार अपना काम कर सकेगी. सिसोदिया ने कहा है कि पुलिस, जमीन और कानून व्यवस्था को लेकर हमारी मांग अभी भी जारी है और हम अभी भी दिल्ली को पूर्ण राज्य की मांग उठाते रहे हैं. हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घर पर बैठक बुलाई है. मुख्यमंत्री ने अपने घर पर सभी मंत्रियों को बुलाया है, इसके अलावा सभी विधायकों को भी बुलाया गया है. सरकार सभी लंबित मामलों को लेकर चर्चा कर सकती है, बताया जा रहा है कि जल्द ही अधिकारियों के साथ भी बैठक हो सकती है.

सिसोदिया ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है, अब हमारे हर काम में टांग नहीं अड़ाई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि एलजी अपनी मनमानी नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक गैर जरूरी टिप्पणियों के जरिए काम को रोका जा रहा था.

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच काफी लंबे समय से चल रही जंग के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुमकिन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही राज्य को चलाने के लिए जिम्मेदार है. फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर खुशी जता दी है, उन्होंने कहा है कि दिल्ली में लोकतंत्र की जीत हुई है. आम आदमी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र की मोदी सरकार एलजी के जरिए अपना एजेंडा आगे बढ़ा रही है और राज्य सरकार को काम नहीं करने दे रही है

 

Share this
Translate »