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एम. करुणानिधि की अंतिम यात्रा जारी, मरीना बीच पर दफनाये जाने की हुई तैयारी

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चेन्नई। देश के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु से लेकर केन्द्र की राजनीति में भी बखूबी अपना एक बेहद ही अहम मुकाम रखने वाले वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुत्तुवेल करूणानिधी की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है हालांकि इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब में मामूली भगदड़ के चलते दो लोगों की मौत हो गई है लेकिन फिलहाल उनकी अंतिम यात्रा शंतिपूर्वक जारी है।

गौरतलब है कि करुणानिधि की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं। मरीना बीच पर करुणानिधि को दफनाया जाएगा। इसके लिए सुबह से ही कब्र खोदी जा रही थी। ज्ञात हो कि बुधवार सुबह मद्रास हाई कोर्ट ने करीब तीन घंटे चली सुनवाई के बाद इस पर फैसला दिया।

दरअसल इससे पहले राज्य सरकार ने करुणानिधि को दफनाए जाने के लिए मरीना बीच पर जगह देने से इन्कार कर दिया था। राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ रात में ही द्रमुक मद्रास हाई कोर्ट चली गई थी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चेन्नई पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।

वहीं अंतिम यात्रा शुरू होने से पूर्व राजाजी हॉल के बाहर, जहां करुणानिधि का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहां समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

जब इस पर भी लोग नही माने तो आखिरकार पुलिस ने बेकाबू होती भीड़ को देख राजाजी हॉल के अंदर जाने के रास्ते को बंद कर दिया था। बताया जाता है कि इसके बावजूद भी समर्थक अपने नेता के आखिरी दर्शन के लिए छत पर चढ़ने की कोशिश करते दिख रहे थे।

इसके साथ ही मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि बनाने के लिए काम तेजी से जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजाजी हॉल में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी उनके अंतिम दर्शन किए।

ये बेहद ही अहम और काबिले गौर है कि राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की सुप्रीमो रहीं जे. जयललिता को मरीना बीच पर ही दफनाया गया था। द्रविड़ नेताओं को दाह संस्कार के बजाय दफनाने की लंबी परंपरा रही है। यहां तक कि अन्ना दुरई और एमजीआर सहित ज्यादातर द्रविड़ नेता दफनाए ही गए।

ज्ञात हो कि हाल के तकरीबन 10 दिनों से करुणानिधि चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे। इसी अस्पताल में ही मंगलवार शाम छह बजकर दस मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्थिक शरीर को कावेरी अस्पताल से गोपालपुरम आवास ले जाया गया। बुधवार सुबह राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। पूरे तमिलनाडु से जुट रहे द्रमुक समर्थकों की संख्या को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है।

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा, ‘कलैनार के नाम से लोकप्रिय नेता का जाना अपूरणीय क्षति है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को छुट्टी और राज्य में सात दिनों के शोक की घोषणा की है। दिल्ली और देश की राजधानियों में भी उनके सम्मान में बुधवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

पीएम मोदी ने कहा, हमेशा याद रखेगा देश प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘करुणानिधि के निधन से गहरा धक्का लगा। वह देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे। हमने जमीन से जुड़े एक नायक को खो दिया है। लोकतंत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध नेता को आपातकाल के खिलाफ कड़े विरोध के लिए याद किया जाएगा।’

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