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शाह की कांग्रेस को चुनौती, कहा- राफेल पर संसद में जब तक चाहे चर्चा करें

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नई दिल्ली। रॉफेल सौदे को लेकर आज सर्वोच्च अदालत द्वारा मोदी सरकार को क्लीन चिट दिये जाने पर अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा विपक्ष और खासकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला गया। शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा कि आज सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि राफेल मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए हम तैयार है और मैं कांग्रेस पार्टी को चुनौती देता हूं की वो मुद्दे के आधार पर सदन में जितने समय तक चर्चा करना चाहते हैं करें।

इसके साथ ही बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक काल्पनिक जगत बनाकर बैठी हुई है जिसमें सच और न्याय की कोई जगह नहीं है। सवाल भी कांग्रेस पार्टी खड़े करती है, वकील भी वही हैं और न्यायाधीश भी वहीं है। आज कांग्रेस पार्टी देश के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा कि आज सिद्ध हो गया है चोर-चोर वही चिल्लाते है जिनको चौकीदार का भय होता है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद से एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष के द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि राफेल खरीद के संबंध में देश की जनता को गुमराह करने और सेना के बीच में सन्देश पैदा करने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से मांफी मांगनी चाहिए।

शाह ने पूछा कि 2004-2014 के बीच डील क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने कमीशन के लिए डील को रोका था। जनता कभी नहीं मानेगी कि चौकीदार चोर है। सूरज के ऊपर कितना भी कीचड़ या कितनी भी मिट्टी उछाल लें वो स्वयं पर ही गिरती है। आगे से वो (राहुल गांधी) ऐसे बचकाने आरोप से बचें। कांग्रेस पार्टी एक काल्पनिक जगत बनाकर बैठी हुई है जिसमें सच और न्याय की कोई जगह नहीं है। सवाल भी कांग्रेस पार्टी खड़े करती है, वकील भी वही हैं और न्यायाधीश भी वहीं है।

इतना ही नही बल्कि आज कांग्रेस पार्टी देश के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल खड़ा कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘राफेल मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए हम तैयार हैं और मैं कांग्रेस पार्टी को चुनौती देता हूं की वो मुद्दे के आधार पर सदन में जितने समय तक चर्चा करना चाहते हैं करें। सदन में चर्चा के बाद ही जेपीसी का गठन होता है।’

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