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नोएडा: फर्जी एनकाउन्टर के खेल में, दरोगा सहित तीन सहकर्मी जाएगें जेल में

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  • दरोगा सहित तीनों सहकर्मी हुए निलम्बित और गिरफ्तार

नोएडा।   हाल ही में एक्शन में आई यूपी पुलिस के लिए उस समय एक बड़ी दिक्कत पैदा हो गई जब नोएडा के सेक्टर 122 में एक एएसआइ ने अपने प्रमोशन के लिए मुठभेड़ के नाम पर एक जिम ट्रेनर युवक की गर्दन और दूसरे के पैर में गोली मार दी। याद रहे कि पिछले महीने नोएडा पुलिस कर्मी पर मासूम से रेप का आरोप लगा था। ताजा जानकारी के मुताबिक इस मामले  में दारोगा समेत तीन अन्य पुलिसकर्मियों को प्राथमिक जांच में दोषी मानते हुए सस्पेंड कर गिरफ्तार कर लिया गया है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विजयदर्शन शर्मा, प्रशिशु उपनिरीक्षक पंकज, सिपाही नरेंद्र और संजय हैं।

हालांकि एसएसपी लव कुमार ने आज सुबह फर्जी एनकाउंटर को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी है। उन्होनें कहा था कि जांच के दौरान पाया गया कि ट्रेनी सब इंस्पेक्टर उक्त जिम ट्रेनर युवक को जानता था।  हालांकि एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ये एनकाउंटर नही है। ये एक निजी दुश्मनी का मामला है। हम इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं। मैंने स्टाफ से बातचीत की है। उन्होंने मुझे कई बाते बताई हैं।

 

जितेन्द्र के परिवारीजन और एसएसपी नोएडा

गौरतलब है कि बीती रात यूपी के गौतम बुद्ध नगर जिले में नोएडा सेक्टर 122 में शादी समारोह से घर लौट रहे जिम ट्रेनर को पुलिस के दरोगा ने गोली मार दी। घायल व्यक्ति का नाम जितेंद्र यादव है जिसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है क्योंकि गोली उसकी गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में फंसी है। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि घायल के शरीर में गोली अभी फंसी है जो गले के पास रीढ़ की हड्डी में अटक गई है।

वहीं, नोएडा के फोर्टिस में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे जितेंद्र के परिवार का आरोप है कि रात में फर्जी एनकाउंटर करने की कोशिश थी। जितेंद्र पर्थला गांव में जिम चलाता है। उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।

जितेंद्र के परिजनों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज विजयदर्शन घटना के वक्त नशे में थे और उन्होंने जितेंद्र पर बंदूक तानते हुए कहा कि प्रमोशन का सीजन चल रहा है और उनका प्रमोशन रह गया है।  उसने कहा कि एक-दो को टपकाना पड़ेगा. वहीं , गांववालों का कहना है कि 10-12 दिन पहले कुछ पुलिसकर्मी पास की मार्केट में उगाही करने पहुंचे थे, जिसको लेकर जितेंद्र का चौकी इंचार्ज से विवाद भी हुआ था।  जितेंद्र के दोस्त ने बताया कि मैं घटना के वक्त वहीं था. इंचार्ज ने अपनी सर्विस रिवॉलवर निकाली और जितेंद्र को गर्दन में गोली मार दी. हमलोगों ने सोचा कि गोली गर्दन को छूकर निकल गयी लेकिन जितेंद्र की गर्दन से खून निकलने लगी और वह गिर पड़ा. हमारे लाख गिड़गिड़ाने के बाद भी पुलिसवाले उसको अस्पताल नहीं ले गये।

बता दें कि युवक के अलावा उसके एक साथी को भी पैर पर गोली लगी है जो मौका-ए-वारदात से किसी तरह भागने में कामयाब रहा और बाद में पूरी घटना की जानकारी युवक के परिवार को दी गई।

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