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सरकार का तीन तलाक पर अध्यादेश, मुस्लिम महिलाओं में खेमेबंदी और पशोपेश

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नई दिल्ली। तीन तलाक पर अध्यादेश को लेकर तमाम मुस्लिम संगठन और उलेमा तो वैसे ही खफा हैं इस सबके बीच अब इस मुद्दे पर मुस्लिम महिलायें दो खेमों में बंटती नजर आ रही हैं। क्योंकि जहां एक खेमा इस अघ्यादेश की वकालत में जुटा है वहीं दूसरा खेमा इसके विरोध में जुटा है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक पर रोक के लिए अध्यादेश लाने के बाद जहां देश भर में मुस्लिम महिलाओं ने इसका स्वागत किया है वहीं संभल में अध्यादेश के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने आवाज बुलंद कर अध्यादेश वापस न होने पर आन्दोलन को चेताया है। मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक अध्यादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर कहा कि शरीयत में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

इतना ही नही इसके तहत गुरुवार को संभल के सरायतरीन के मोहल्ला अमानखेल में मुस्लिम महिलाओं की पंचायत में किसी भी हालत में तीन तलाक पर कानून को स्वीकार न करने की बात कही गई। पंचायत में बोलते हुए जामिया इस्लामिया मदरसे की प्रबंधक अफरोज महल ने कहा कि तलाक का मसला मुसलमानों का निजी और शरीयत से जुड़ा मामला है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को फिक्रमंद होने की कतई जरुरत नहीं है। शरीयत कानून अल्लाह का बनाया हुआ कानून है इसमें कयामत तक कोई भी फेरबदल नहीं किया जा सकता है। कहा कि हमें मजहब के साथ रहना है और शरीयत के कानून को ही मानेंगे। सरकार ने जो अध्यादेश जारी किया है वह बिल्कुल गलत है अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो देशभर में दो करोड़ मुस्लिम महिलाएं एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगी।

इसके साथ ही पंचायत के बाद मौजूद महिलाओं ने सरकार द्वारा जारी किये गये अध्यादेश को वापस कराने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान चांदनी बेगम, नाजिया, तमिश फात्मा, तरन्नुम, समीला, जीनत, रीना, अमरीन, फरहीन, अफसा, हिना, रहमत, महक, फरजाना बेगम, नेहा,उजमा बेगम, रजिया बेगम आदि मौजूद रहीं।

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