Thursday , April 25 2024
Breaking News

ट्रक चालक का चार सिपाहियों पर लूट का आरोप, कोतवाल ने संदिग्ध बता पल्ला झाड़ा

Share this

लखनऊ। प्रदेश में पुलिस विभाग पर आरोपों का लगना बखूबी जारी है क्योंकि अभी जहां विवेक हत्याकाण्ड की आंच धीमी नही पड़ी थी कि कल ही गोमतीनगर में ही बलरामपुर के एसपी की गाड़ी की टक्कर में एक व्यक्ति के घायल होने पर अच्छा-खासा बवाल हुआ। वहीं अब जनपद जौनपुर में चार सिपाहियों द्वारा एक ट्रक ड्राइवर से लूट का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस मामला सुदिग्ब्ध बताकर पल्ला झाड़ने में लगी है। लेकिन ट्रक ड्राइवर का कहना है कि उसे फर्जी फंसाने की धमकी देकर लूटा गया है।

गौरतलब है कि जौनपुर के पॉलीटेक्निक चौराहे के पास बिहार से चावल लादकर हरियाणा जा रहे ट्रक को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में यूपी पुलिस के चार सिपाहियों ने रोका और केबिन में रखे 40 हजार रुपया छीन लिए। विरोध करने पर चालक को मारने-पीटने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। हालांकि पुलिस अधिकारी घटना को संदिग्ध बताकर नकार रहे हैं। वहीं चालक का दावा है कि वह सिपाहियों को पहचान सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार पंजाब प्रांत के पटियाला जिले की राजपुरा तहसील क्षेत्र के लोचमा गांव निवासी अशोक कुमार ट्रक चालक है। वह पंजाब से ट्रक पर सेब लादकर बिहार के जहानाबाद गया था। वहां सेब उतारकर चावल लादकर हरियाणा जा रहा था। पीड़ित के अनुसार शुक्रवार की रात करीब दो बजे ट्रक लेकर वह जौनपुर शहर के पॉलीटेक्निक चौराहे के पास पहुंचा तो वहां मौजूद चार सिपाहियों ने ट्रक को रोक लिया।

इतना ही नही बल्कि सिपाहियों ने ट्रक चालक को नीचे उतार कर उसकी तलाशी ली और दो सिपाही ट्रक के केबिन में घुस गए और केबिन में रखे 40 हजार रुपया सिपाहियों ने निकाल लिए। चालक ने विरोध किया और अर्जी लगाई कि उसे हरियाणा तक जाना है और उसके पास और पैसे नहीं है। इस पर सिपाहियों ने उसकी चौराहे पर ही पिटाई की और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

डरे सहमे अशोक ने ट्रक को शहर के बाहर एक ढाबे पर खड़ा कर दिया और घटना की तहरीर लेकर लाइन बाजार थाने पहुंच गया। थाने में उसे बताया गया कि घटना स्थल नगर कोतवाली क्षेत्र में आता है। पीड़ित कोतवाली थाने पहुंचा और इंस्पेक्टर को तहरीर दी पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है।

उनका तर्क है कि पॉलीटेक्निक पर रात में पिकेट ड्यूटी नहीं लगती है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अगर वहां पुलिस पिकेट की ड्यूटी नही लगती तो संभव है कि पुलिस की वर्दी में ही अपराधिक तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया गया हो। इस पहलू पर भी पुलिस को गंभरता से गौर करना चाहिए और इस तरह से मामले से पल्ला नही झाड़ना चाहिए। क्योंकि फिलहाल तो मामला पुलिस की प्रतिष्ठा से जुड़ा है।

Share this
Translate »