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अयोध्या-मथुरा को: योगी सरकार तीर्थ स्थल घोषित कर, प्रतिबंध लगायेगी मांस-मदिरा पर

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लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार राम और कृष्ण की जन्मभूमि को लेकर जल्द ही एक बड़ी अहम योजना को मूर्त रूप देने की कोशिशों में जुट गई है। जिसके चलते सरकार जहां राम की नगरी अयोध्या और कृष्ण की नगरी मथुरा को तीर्थ स्थान घोषित करने वाली है बल्कि साथ ही इन दोनों ही नगरी में वहां मांस-मदिरा की बिक्री तथा सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

 गौरतलब है कि उप्र सरकार के प्रवक्ता और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सोमवार को विशेष बातचीत में कहा ‘साधु संतों और करोड़ों भक्तों की मांग थी कि राम और कृष्ण की नगरी में मांस-मदिरा की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाये । उनकी मांग का सम्मान करते हुये प्रदेश सरकार अयोध्या की चौदह कोसी परिक्रमा के आसपास के इलाके और मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्म स्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थान घोषित करने की योजना पर काम कर रही है।

उनके अनुसार जब ये दोनों स्थान तीर्थ स्थान घोषित हो जायेंगे तो यहां स्वत: ही मांस-मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लग जायेगा । बिना तीर्थ स्थान घोषित किये इन दोनों स्थानों पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाना संभव नही है ।’ उन्होंने कहा ‘अयोध्या और मथुरा में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध की मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया है और इन दोनों जगहों को तीर्थ स्थान घोषित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।’’

इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा का इलाका, मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्म स्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थान घोषित कर यहां पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाये जाने की योजना है । शर्मा के मुताबिक, मथुरा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गिरिराज जी :गोर्वधन: की सप्त कोषी परिक्रमा का इलाका पहले से ही तीर्थस्थान घोषित है और वहां मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध है ।

ज्ञात हो कि छह नवंबर को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया है। संतों ने मांग की थी कि अयोध्या में मांस-मदिरा की बिक्री भगवान राम का अपमान है और इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। योगी सरकार ने बखूबी संतों की इस मांग को संज्ञान में लेते हुए इस पर कार्ययोजना की कवायद तेजी से शुरू कर  दी है।

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