Thursday , August 6 2026
Breaking News

21 साल बाद भारतीय तट से टकराएगा सुपर साइक्लोन, भारी नुकसान की आशंका

Share this

नई दिल्ली. सुपर साइक्लोन अम्फान भीषण तूफान में बदल गया है. अम्फान से भयंकर नुकसान के मद्देनजर मौसम विभाग (आईएमडी) ने फ्रेश अलर्ट जारी करते हुए 20 मई तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सभी तरह के फिशिंग व अन्य गतिविधियों को सस्पेंड कर दिया है. आईएमडी ने इस बात की आशंका जताई है कि अम्फान बुधवार 20 मई को पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों से टकराएगा. पिछले 21 साल में यह पहला मौका है, जब कोई सुपर साइक्लोन भारतीय तट से टकराने जा रहा है.

दूसरी तरफ सुपर साइक्लोन अम्फान से नुकसान से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की है. उन्होंने ममता बनर्जी को चक्रवात अम्फान के कारण उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने में मदद का आश्वासन दिया है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र राज्य को मदद करने को प्रतिबद्ध है. एनडीआरएफ की टीम तैनात हो चुकी है. केंद्र राज्य की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है. इस मुददे पर अमित शाह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी बात की और तैयारियों की जायजा लिया. सीएम पटनायक से भी कहा कि केंद्र सरकार किसी भी तरह की सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है.

दूसरी तरफ आईएमडी के पश्चिम बंगाल, ओडिशा व अन्य केंद्रों के बाद अब सुपर साइक्लोन अम्फान को विशाखापट्टनम स्थित डॉपलर वेदर रडार से लगातार ट्रैक किया जा रहा है. बता दें कि विशाखापट्टनम डॉपलर वेदर रडार देश के पुराने चक्रवाती तूफान शोध केंद्रों में से एक है.

डॉपलर वेदर रडार ने फ्रेश सूचनाएं जारी करने का काम शुरू कर दिया है. वहीं मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दीघा से 670 किलोमीटर दूर स्थित तूफान अम्फान अब उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा.

आज दोपहर या बुधवार शाम में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेकर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकराएगा. पश्चिम बंगाल में दीघा तो बांग्लादेश के हटिया तट से टकराने की आशंका है. इस बात की भी संभावना जताई गई है कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में प्रचंड चक्रवाती तूफान अम्फान मंगलवार दोपहर के बाद से धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Translate »