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बाबर के वंशज का बड़ा बयान, होना चाहिए राम मंदिर का निर्माण

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  • अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनना चाहिए
  • बाबर पर लगे इल्जाम अब खत्म होने चाहिए
  • प्रिंस ने कहा कि बाबर ने वसीयत लिखी थी
  • हमारी आने वाली नस्ल हिंदू धर्म और मंदिरों की रक्षा करेगी

लखनऊ। देश में जैसे जैसे 2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे अयोध्या मामले में रोज कोई नया शिगूफा या मोड़ सामने आता जा रहा है। इसमें जहां एक तरफ अभी सलमान नदवी सुर्खियों में थे वहीं अब मुगल वंश के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने अयोध्या में अपनी आमद दर्ज कराते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनना चाहिए।

गौरतलब है कि अभी तक शिया सेंट्रल बोर्ड और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अलावा कई धर्मगुरुओं ने भी इस विवाद के हल के लिए विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण की वकालत की है वहीं अयोध्या में जारी सुलह-समझौते की कोशिशों के बीच तब कुछ नई और अहम बातें सामने आई जब हैदराबाद के मुगल वंश के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने हाल ही में अयोध्या आकर न सिर्फ विवादित परिसर में विराजमान रामलल्ला के परिसर को देखा था बल्कि मंगलवार को अयोध्या से शुरू होने वाली रामराज्य रथ यात्रा के शुभारंभ में कहा कि मैं चाहता हूं कि बाबर पर लगे इल्जाम अब खत्म होने चाहिए

उन्होंने कहा कि विवादित जगह पर राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए हैदराबाद के प्रिंस ने कहा कि बाबर ने वसीयत लिखी थी कि हमारी आने वाली नस्ल हिंदू मंदिरों की रक्षा करेगी, उनके धर्म की रक्षा करेगी इसिलिए मंदिर तोड़ने का इल्जाम बाबर के सिर से खत्म होना चाहिए और उस जगह पर राम मंदिर निर्माण होना चाहिए  प्रिंस तूसी ने मुसलमानों से अपील की कि विवादित परिसर की जमीन नापाक हो चुकी है, इसिलए मस्जिद कहीं और बनानी चाहिए उन्होंने अयोध्या में संतों-महंतों से मुलाकात भी की और जल्द ही इस मामले का निपटारा कराने की बात पर बल दिया

एक तरफ जहां देश की जनता सबसे बड़ी अदालत के इस अहम मुकदमे के फैसले के इंतजार में है वहीं बीते कुछ महीनों से कोर्ट से बाहर भी इस विवाद को हल करने की जोर आजमाइश भी तेज हो गई है कुछ वक्त पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह सुझाव दिया था कि अगर हिंदू और मुस्लिम मिलकर इस मुकदमे का हल आपसी समझौते से कर लें तो अच्छी बात है हालांकि इसी सुझाव के आधार पर इस मुकदमे के हल के लिए हिंदू और मुस्लिम आपसी समझौते को लेकर कई बार बातचीत भी कर चुके हैं

 

 

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