Friday , January 28 2022
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बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

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नई दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इसके कारण त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, दक्षिण असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.  ओडिशा तट के बंगाल की खाड़ी में उत्तर पश्चिम पर कम दबाव का क्षेत्र बना था जो 24 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ गया और 23 अक्टूबर, 2020 को भारतीय समयानुसार सुबह 08:30 बजे पश्चिम बंगाल और खेपुपरा (बांग्लादेश) से 200 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित रहा. इसके उत्तर- उत्तर पूर्व की ओर बढऩे और पश्चिम बंगाल को पार करने और सुंदरवन के ऊपर सागर द्वीपों (पश्चिम बंगाल) और खेपुपारा (बांग्लादेश) के बीच निकटवर्ती बांग्लादेश के तटों को पार करने की संभावना है.

मौसम विभाग ने त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, दक्षिण असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है. असम के शेष जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है.

अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल खाड़ी के ऊपर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की रफ्तार 65 किमी प्रति घंटे तक होगी. अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-ओडिशा तट से 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है और अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी. समुद्र की स्थिति अगले 24 घंटों के दौरान त्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे मध्य खाड़ी में बहुत खराब रहेगी.

अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों के साथ समुद्र की हालत बहुत खराब हो जाएगी. मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों पर और अगले 12 घंटों के दौरान ओडिशा तट से दूर न जाएं. मौसम विभाग ने सुझाव दिया है कि सुंदरवन में वन्यजीवों, वनस्पतियों, जीवों, अभयारण्यों की रक्षा करने के प्रयास किए जाएं. साथ ही जल जमाव और तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में जाने से बचें. कमजोर निर्माण वाले स्थान में रहने से बचें.

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