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गठबंधन के खिलाफ क्या खूब दांव चला, अब जान लें विरोधी कि योगी हैं क्या बला

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  • योगी का होली पर नमाज के वक्त में बदलाव पर काबिल-ए-गौर बयान
  • जानकारों के मुताबिक अचानक इस तरह का बयान ऐसे ही नही आया
  • यह है सपा-बसपा गठबंधन को योगी की रणनीति की पहली सलामी
  • एक जुट दोनों दलों के तमाम वोट बैंक पर खासा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक

लखनऊ।  आगामी लोकसभा की दो सीटों के उपचुनाव में ध्रुवीकरण का खेल बख़ूबी शुरू हो गया है जिसके तहत  फूलपुर उपचुनाव को लेकर इलाहाबाद में एक रैली काे संबाेधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली पर नमाज के वक्त में बदलाव पर काबिल-ए-गौर बयान दिया है। जानकारों के मुताबिक अचानक इस तरह का बयान ऐसे ही नही आया बल्कि यह है सपा-बसपा गठबंधन को योगी की रणनीति की पहली सलामी।

बेहद ही गंभीरता से गौर करने की बात है कि जिस तरह से दो धुर विरोधी सपा और बसपा भाजपा के खिलाफ एकजुट हुए हैं उसको देखते सपा और बसपा के मुस्लिम वोट बैंक से परे अगड़े और पिछड़े हिन्दु वोट बैंक में एक अहम संदेश देने के लिए ही योगी ने ऐसा दांव चला है कि दोनों ही दल समझ लें कि योगी भी क्या बला हैं।

जाहिर सी बात है कि होली हिन्दुओं का एक बेहद बड़ा और अहम त्योहार है और उसको लेकर जिस तरह से योगी ने नमाज के वक्त में बदलाव की कामयाब कवायद का जिक्र किया है उससे एक जुट हुए दोनों दलों के तमाम वोट बैंक पर खासा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है यह सर्वविदित है कि बाकि उनके एक और वोट बैंक से भाजपा को कोई लेना देना ही नही।
ज्ञात हो कि कितने सधे और शालीन अंदाज में ‘सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे’ का अनुसरण करते हुए हाेली पर जुमे की नमाज का समय बदले जाने काे लेकर याेगी ने कहा, “अधिकारियों के साथ बैठक में हमने कहा कि होली साल में एक बार आती है जबकि जुमा साल में 52 बार आता है तो जुमे का समय आगे कर दिया जाए आैर हाेली धूमधाम से मनाई जाए।”
साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के आग्रह पर नमाजियों ने भी इस बार जुमे की नवाज का वक्त आगे बढ़ा दिया था, ताकि होली खेलने वाले लोगों को परेशानी न हो। इसके लिए नमाजियों का आभार।
गाैरतलब है कि याेगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री आैर केशव माैर्य के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद गाेरखपुर आैर फूलपुर लाेकसभा सीटें खाली हुई हैं। जिनपर 11 मार्च को मतदान होगा। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में भाजपा के जोरदार प्रदर्शन से तकरीबन सभी दलों में एक तरह से हड़कम्प मच गया हैं।

जिसके चलते अब प्रदेश में लोकसभा की दो सीटों गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव को लेकर अब तमाम सियासी दल सचेत हो कर नए सिरे से अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लग गए हैं। इसी के चलते बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में हाथ मिला लिया है।

 

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