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मन की बात: पीएम ने की जल संरक्षण की अपील और CWG के पदकवीरों को सराहा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 43वें संस्करण में विशेषकर लोगों से ना सिर्फ जल संरक्षण की अपील की बल्कि केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा अन्य मुद्दों पर बात की।

आज मन की बात के शुरुआत में प्रधानमंत्री ने हाल ही संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि गेम्स में भारत के खिलाड़ियों ने देश के लिए 26 गोल्ड मेडल जीते। उनकी ये सफलता बताती है कि वो पूरे देश की उम्मीदों पर खरे उतरे। उनकी बातें सुनकर मुझे गर्व होता है और आपको भी होगा। इस बार गेम्स में भारत की महिला खिलाड़ियों ने भी दम दिखाया। कुश्ती के अलावा कई अन्य खेलों में महिला खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं। बेडमिंटन में तो फाइनल मुकाबले में दोनों महिला खिलाड़ी भारत की ही थीं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मनिका बत्रा के अलावा अन्य खिलाड़ियों की बात सुनाई।

वहीं इसके बाद प्रधानमंत्री ने युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा की चिंता के बाद अब यह तय कर रहे होंगे कि छुट्टियां कैसे बीते। यह छुट्टियां आप स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप करके बिता सकते हैं। इस इंटर्नशिप में जो बेहतर प्रदर्शन करेंगे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के अलावा यूजीसी की तरफ से 2 क्रेडिट पॉइंट भी दिए जाएंगे। भारत सरकार के तीन मंत्रालय खेल, मानव संसाधन हो, पेय जल का विभाग हो – सरकार के तीन-चार मंत्रालय ने मिलकर के एक ‘स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप 2018’ लॉन्च किया है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान जल संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि हम अक्सर सूनते हैं कि अगली लड़ाई पानी के लिए होगी। लेकिन भारतीयों के दिल में जल-संरक्षण ये कोई नया विषय नहीं है, किताबों का विषय नहीं है, भाषा का विषय नहीं रहा। सदियों से हमारे पूर्वजों ने इसे जी करके दिखाया है। एक-एक बूंद पानी के माहात्म्य को उन्होंने प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हमें बारिश की हर बूंद को बचाने का प्रयास करना चाहिए। जल संरक्षण हमारे लिए नया नहीं है। सदियों से हमारे पूर्वजों ने इसका अभ्यास किया है। उन्होंने पानी की हर बूंद को प्राथमिकता दी और जल संरक्षण के नए तरीकों का आविष्कार किया। पीएम ने राजस्थान, तमिलनाडु और गुजरात का जिक्र करते हुए वहां के मंदिरों और बावड़ियों में जल संरक्षण के प्रयासों की बात कही।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के कुछ किसान देश-भर के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उन्होंने संगठित प्रयासों से न सिर्फ अपना बल्कि अपने क्षेत्र का भी भाग्य बदल डाला। बागेश्वर में मुख्य रूप से मंडवा, चौलाई, मक्का या जौ की फसल होती है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था लेकिन कपकोट तहसील के किसानों ने इन फसलों को सीधे बाजार में बेचकर घाटा सहने के बजाए उन्होंने मूल्य वृद्धि का रास्ता अपनाया।

उन्होंने पैदावार में से बिस्किट बनाना शुरू किया और उन्हें बेचना शुरू किया। उस इलाके में तो ये बड़ी पक्की मान्यता है कि लौह तत्व से पूर्ण है और ये बिस्किट गर्भवती महिलाओं के लिए तो एक प्रकार से बहुत उपयोगी होते हैं। इन किसानों ने मुनार गांव में एक सहकारी संस्था बनाई है और वहां फैक्ट्री खोल ली है। किसानों की मेहनत से संस्था का सालाना टर्नओवर न केवल 10 से 15 लाख रूपए तक पहुंच चुका है बल्कि 900 से अधिक परिवारों को रोजगार के अवसर मिलने से जिले से होने वाला पलायन भी रुकना शुरू हुआ है।

पीएम ने रमजान की मुबारक बात देते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। विश्वभर में रमजान का महीना पूरी श्रद्धा और सम्मान से मनाया जाता है। रोजे का सामूहिक पहलू यह है कि जब इंसान खुद भूखा होता है तो उसको दूसरों की भूख का भी एहसास होता है। जब वो खुद प्यासा होता है तो दूसरों की प्यास का उसे एहसास होता है। पैगम्बर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके सन्देश को याद करने का यह अवसर है। उनके जीवन से समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलना यह हमारी जिम्मेदारी बनती है। पैगम्बर मोहम्मद साहब का मानना था कि यदि आपके पास कोई भी चीज़ आपकी आवश्यकता से अधिक है तो आप उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दें, इसीलिए रमजान में दान का भी काफी महत्व है।

वहीं बुद्ध पूर्णिमा को लेकर कहा कि बुद्ध पूर्णिमा प्रत्येक भारतीय के लिए विशेष दिवस है। हमें गर्व होना चाहिए कि भारत करुणा, सेवा और त्याग की शक्ति दिखाने वाले महामानव भगवान बुद्ध की धरती है, जिन्होंने विश्वभर में लाखों लोगों का मार्गदर्शन किया। यह बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध को स्मरण करते हुए उनके रास्ते पर चलने का प्रयास करने का, संकल्प करने का और चलने का हम सबके दायित्व को पुन:स्मरण कराता है।

आज जब हम भगवान बुद्ध को याद कर रहे हैं। आपने लॉफिंग बुध्दा की मूर्तियों के बारे में सुना होगा, जिसके बारे में कहा जाता है कि वो गुड लक लाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि स्माइलिंग बुद्धा भारत के रक्षा इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना से भी जुड़ी हुई है।

अब आप सोचते रहे होंगे कि स्माइलिंग बुद्धा और भारत की सैन्य-शक्ति के बीच क्या संबंध है? आपको याद होगा आज से 20 वर्ष पहले 11 मई, 1998 शाम को तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था और उनकी बातों ने पूरे देश को गौरव, पराक्रम और खुशी के पल से भर दिया था। विश्वभर में फैले हुए भारतीय समुदाय में नया आत्मविश्वास उजागर हुआ था। वह दिन था बुद्ध पूर्णिमा का। 11 मई, 1998, भारत के पश्चिमी छोर पर राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया था। उसे 20 वर्ष हो रहे हैं और ये परीक्षण भगवान बुद्ध के आशीर्वाद के साथ बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया था।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों ने मेरी अपील पर इसका हिस्सा बनते हुए अपना फिटनेस मंत्री शेयर किया। यहां तक की फिल्म स्टार अक्षय कुमार ने भी अपनी फिटनेस का मंत्र बताया। वैसे फिटनेस के लिए योग सबसे अच्छी चीज है। 21 जून को विश्व योग दिवस आ रहा है और इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी होंगी।

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