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मोदी और शाह की जबर्दस्त रणनीति का असर, भाजपा अब कर्नाटक में भी सरकार बनाने को अग्रसर

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बेंगलुरु। देश के तमाम राज्यों की ही तरह एक बार फिर कर्नाटक में भी राहुल गांधी और कांग्रेस की तमाम कवायदों पर पानी गया फिर क्यों कि जैसा कि अभी तक रूझान सामने आ रहे हैं वो साफ बता रहे हैं कि मोदी मैजिक अभी भी बरकरार है जिसके चलते कर्नाटक में भी भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आती प्रतीत हो रही है हालांकि नतीजे भाजपा के दावों के भी मुताबिक नही ही नजर आ रहे हैं लेकिन फिर भी काफी हद तक उसके आस पास ही हैं सबसे बड़ी बात उसके लिए तो बेहद खास ही हैं। वहीं बताया जाता है कि इस जीत से उत्साहित भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे।

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रुझानों के मुताबिक भाजपा ने बहुमत हासिल कर लिया। राज्य में भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक सीटें हासिल नहीं हुईं। जैसा कि रूझान आ रहे है उसके मुताबिक भाजपा को बाहरी समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं जैसा कि आशंका जताई जा रही थी कि पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जनता दल (एस) ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभायेगी लेकिन रूझानों ने उसे भी पूरी तरह से नकार दिया है। वहीं बहुमत मिलने के बाद भाजपा कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल है।

वहीं कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। 222 सीटों के रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है और कांग्रेस करीब आधी सीटों पर ही सिमट रही है। भाजपा 107, कांग्रेस 72, जेडीएस 41 व अन्य दो सीटों पर आगे है। इस बीच, बेंगलूरू और दिल्ली में भाजपा कार्यालय में नेता और कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और निर्मला सीतारण ने भी जश्न मनाया। इधर, कर्नाटक चुनाव के नतीजे से सेंसेक्स में भी उछाल आया है। आज शाम छह बजे भाजपा मुख्याल में संसदीय कमेटी की बैठक होगी।

ज्ञात हो कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस राज्य की 220, भाजपा 222, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (सेक्युलर) 199 और गठबंधन की साझेदार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 18 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थीं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) 18, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) दो, स्वराज इंडिया पार्टी 11, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। भाजपा कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) तीनों पार्टियां ही सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। राज्य में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव में करीब 72.36 प्रतिशत मतदान हुआ था।

वहीं जबकि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। आर.आर. नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था। जैसा कि रूझान है उसके मुताबिक जहां बदामी सीट से सीएम सिद्धारमैया आगे, चामुंडेश्वरी से पीछे तथा रामनगर से कुमपास्वामी आगे। वहीं शिकारीपुरा सीट से येदियुरप्पा आगे और वरुणा सीट से सीएम सिद्धारमैया का बेटा आगे।

राजनीतिक विश्लेषकों की अगर मानें तो दक्षिण में भाजपा की संभावित जीत से 2019 में मोदी की राह आसान हो रही है। देश में मोदी की लहर भी बरकरार है। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस यदि हारती है तो राहुल गांधी के नेतृत्व को फिर से झटका लग सकता है। कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों पंजाब, मिजोरम और पुडुचेरी तक ही सिमट कर रह जाएगी।

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